बनारस में क्यों चली मोदी की प्रचंड लहर, देखिए 8 सीटों के समीकरण
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वैसे तो पूरे उत्तर प्रदेश में मोदी की लहर चली, वहीं उनके संसदीय इलाके में तो सारी सीटें ही भाजपा की झोली में पड़ गई। देखिए, इसके पीछे क्या रही वजह?
मतदान के बाद ही ये साफ हो गया था कि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होने जा रहे हैं। भाजपा के लिए यहां की आठ सीटें नाक सवाल बन गई थीं, इसीलिए मोदी ने तीन दिन तक यहां चुनाव प्रचार और रोड शो किया था।
वहीं सीएम अखिलेश व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जोड़ी ने जोरदार रोड शो कर अपनी ताकत का अहसास कराया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कई रैलियां कर शक्ति प्रदर्शन किया था।
पिंडरा में साइलेंट वोटरों का कमाल
पिंडरा विधानसभा में इस बार साइलेंट वोटरों ने कमाल दिखाया। सुबह से शाम तक मतदाताओं ने चुप्पी की चादर इस कदर तानी कि उम्मीदवार भी हार-जीत का आकलन करते रहे लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। फूलपुर, पिंडरा कठिरांव, सिंधोरा, बाबतपुर, मंगारी, बड़ागांव आदि क्षेत्रों में सुबह से ही वोटर घरों से निकलने लगे थे। दोपहर में धूप चढ़ी तो वोटिंग का प्रतिशत थोड़ा कम हुआ लेकिन तीन बजे तक 52.84 फीसदी लोग वोट डाल चुके थे। कुछ बूथों पर भाजपा और कांग्रेस-सपा गठबंधन के बीच सीधी लड़ाई रही तो कुछ बूथों पर भाजपा और बसपा टक्कर लेते दिखे।
शिवपुर : 2012 की तुलना में एक फीसदी बढ़ा मतदान प्रतिशत
शिवपुर सीट पर भी लड़ाई रोमांचक रही। यहां त्रिकोणीय मुकाबला लग रहा था। मतदाताओं के मिजाज देखकर रणनीतिकारों ने आकलन जता दिया था कि इस बार ज्यादा हवा भाजपा के पक्ष में है। शहरी सीमा से सटे इस विधानसभा क्षेत्र में शहरियों की अपेक्षा ग्रामीणों में मतदान के प्रति अधिक उत्साह दिखा।
गठबंधन आमने-सामने, चमक गई भाजपा
महेशपुर, लोहता, चांदपुर आदि बूथों पर तो सुबह मतदान शुरू होने से पहले ही कुछ लोग पहुंच गए थे जिन्होंने मतदान प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार किया। गांवों में कई लोग ऐसे भी दिखे जिन्होंने पूरे परिवार संग पहले मताधिकार का प्रयोग किया, इसके बाद ही बाकी काम किए।
सेवापुरी : गठबंधन आमने-सामने, चमक गई भाजपा
मिर्जापुर और भदोही जिले की सीमा से सटे सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र में भी इस बार कांटे की लड़ाई थी। कई इलाकों मे सीधा मुकाबला भाजपा-अद (एस)-भासपा गठबंधन प्रत्याशी नीलरतन सिंह पटेल और सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी सिटिंग विधायक सुरेंद्र पटेल के बीच दिखा।
चुनाव की घोषणा के बाद से ही सेवापुरी सीट से सपा-कांग्रेस गठबंधन के सुरेंद्र पटेल और भाजपा-अद (एस)-भासपा गठबंधन के नीलरतन पटेल के बीच मुख्य लड़ाई मानी जा रही थी।
दोनों 2012 विधानसभा चुनाव में भी एक-दूसरे के आमने-सामने थे जिसमें सुरेंद्र को जीत मिली थी। इस बार भाजपा के खाते में जीत रही।
रोहनिया : भाजपा का सीधा मुकाबला
रोहनिया विधानसभा में इस बार चौंकाने वाला परिणाम रहा। इस सीट पर सपा और भाजपा के बीच बूथों पर सीधी टक्कर दिखी तो बसपा भी अपने परंपरागत वोटों के सहारे खूब जददेजहद करती रही। वहीं दूसरी बार चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रही अपना दल ने भी चुनाव में दमखम दिखाया। राजनीतिक रणनीतिकारों का मानना था कि पटेल और मुस्लिम मतदाता इस विधानसभा में निर्णायक थे, जोकि उलटफेर कर सकते थे, वही हुआ। पीएम मोदी की लहर के चलते भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र नारायण सिंह औढ़े ने यहां के वर्तमान विधायक और सपा-कांग्रेस के प्रत्याशी महेंद्र सिंह पटेल को हरा दिया।
अल्पसंख्यक वोटरों ने जताया भरोसा
अजगरा : विधायक को मिली हार
अजगरा विधानसभा में इस बार सिटिंग विधायक एवं बसपा प्रत्याशी त्रिभुवन राम को हार का सामना करना पड़ा। इस बार सपा के लालजी सोनकर और भाजपा-भासपा गठबंधन के कैलाश सोनकर की मजबूत दावेदारी थी। कुछ बूथों पर सपा के लालजी मजबूत दिखे तो कुछ बूथों पर कैलाश तो कुछ पर त्रिभुवन राम आगे रहे। ये तीनों प्रत्याशी अपनी-जीत जीत के दावे कर रहे थे। कैलाश सोनकर की जीत से केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय की प्रतिष्ठा भी जुड़ी थी। अजगरा विधानसभा चंदौली लोकसभा के तहत आता है और महेंद्रनाथ पांडेय चंदौली के सांसद है।
कैंट : अल्पसंख्यक वोटरों ने जताया भरोसा
कैंट विधानसभा के चुनावी रणक्षेत्र में सीधी टक्कर देखने को मिली, जहां भाजपा खेमे को ‘मोदी इफेक्ट’ का फायदा मिला है तो वहीं मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर जमकर वोट बरसे। जो भी हो पर कैंट विधानसभा क्षेत्र पर पिछले छह बार से अपना कब्जा जमाती आ रही भाजपा को सपा-कांग्रेस गठबंधन से कड़ी टक्कर मिली और इस बार मोदी लहर के चलते, ये सीट भी भाजपा के खाते में गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो और पक्का मोहाल (टाउनहाल) तथा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में जनसभा का फायदा भाजपा को मिला। यही कारण रहा की रामनगर, अस्सी, भदैनी, मलदहिया, सिगरा, महमूरगंज में कमल मजबूत स्थित में नजर आया।
बुद्धिजीवी वर्ग में भी मोदी का जादू सिर चढ़कर बोला। सामनेघाट, बीएचयू, लंका आदि क्षेत्रों में भी भाजपा की झोली में खूब वोट गिरे।
शहर उत्तरी : मुस्लिम इलाकों में मतदान केंद्रों में जबरदस्त रही भीड़
विधानसभा शहर उत्तरी में भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन में आमने सामने टक्कर नजर आई। जानकारों की मानें तो प्रधानमंत्री के रोड शो का भी अच्छा खासा असर मतदाताओं पर देखने को मिला। मुस्लिम इलाकों के मतदान केंद्रों पर मुस्लिम मतदाताओं की जबरदस्त भीड़ थी। प्राथमिक विद्यालय माता प्रसाद से लेकर, सरैया में मदरसा इस्लामिया में सैकड़ों मतदाता लाइन में लगे नजर आए। हालांकि सदर तहसील, जेपी मेहता इंटर कालेज, सनबीम वरुणा में मतदाताओं के आने की रफ्तार कम थी। मोदी लहर के चलते ये सीट भी भाजपा के खाते में गई।
शहर दक्षिणी : काशी के हृदय में कांटे की जंग
काशी के हृदय प्रदेश शहर दक्षिणी में तीन दशक के बाद भाजपा के ‘विजय रथ’ को रोकने के लिए कांग्रेस-सपा गठबंधन ने एकजुटता दिखाई। ‘मोदी लहर’ को लेकर जहां पहली बार युवा और महिला मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिखा । दशाश्वमेध तीर्थ से बाबा विश्वनाथ, कालभैरव से महाप्रभु वल्लभाचार्य की पीठ होते हुए कोनिया तक कमल किला।
मतों की रेस में हाथी पीछे-पीछे दौड़ता रहा। शहर दक्षिणी में इस बार वोटों की आंधी चली। सुबह सात बजे ही हर सुंदरी धर्मशाला, विश्वनाथ सनातन धर्म इंटर कॉलेज, सनातनधर्म इंटर कॉलेज के बूथों पर मतदाताओं की कतारें लग गईं। जीत भाजपा को मिली।