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अब मॉडल वर्क नहीं, पूरी परियोजना पर काम
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 22 Sep 2016 02:00 AM IST
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर का निर्माण जल्द फिर श्ाुरू कराया जाएगा। बाढ़ के चलते करीब डेढ़ महीने से यह काम पूरी तरह ठप है। बुध्ावार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग को निर्देश दिया कि युद्धस्तर पर कार्य शुरू कराया जाए। अब सिर्फ दो सौ मीटर मॉडल के बजाय पूरी परियोजना पर काम कराया जाए। अभियान के तौर पर कॉरिडोर को मूर्तरूप दिया जाए।
वाराणसी मंडल की 50 लाख से ऊपर की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधकों को अभियान चलाकर निर्माणाधीन कार्यों को पूरा कराने की ताकीद की। कार्यसूची और ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के ब्योरे के साथ अधिकारियों को शुक्रवार को तलब किया। जिला महिला चिकित्सालय, वाराणसी के 100 बेड की मैटरनिटी विंग का निर्माण कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कराने की हिदायत दी। दीनापुर एसटीपी को दिसंबर तक प्रत्येक दशा में पूरा कराने का निर्देश दिया। निर्माणाधीन सरायमोहाना, सामनेघाट एवं बलुआ सेतु के प्रगति की समीक्षा में सरायमोहाना का कार्य इसी माह, बलुआ का दिसंबर में पूरा कराने की ताकीद की।
आइकोनिक के रूप में चयनित किए गए मणिकर्णिकाघाट पर चल रहे निर्माण कार्य की मानीटरिंग के लिए सीडीओ पुलकित खरे को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी बनाए जाने के बाद उन्होंने बुधवार को कार्यदायी संस्थाओं के साथ-साथ विभागीय विकास कार्यों की समीक्षा की। एक अन्य बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हौसला पोषण मिशन के तहत गांव की गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुलाकर दवाई और पुष्टाहार दिए जाएं। लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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वरुणा किनारे चिह्नित अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस तो चार महीने पहले ही जारी हो गया लेकिन कार्रवाई की शुरुआत तो छोड़िए, अब तक उसकी औपचारिकताएं भी वीडीए पूरी नहीं कर सका है। जबकि, सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई 201 करोड़ रुपये की ‘वरुणा कॉरिडोर’ योजना को मूर्तरूप देने में ये अवैध निर्माण सबसे बड़ी बाधा हैं। जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैये से जिम्मेदार महकमों ने भी आंखें मूंद ली हैं। यही हाल रहा तो वरुणा कॉरिडोर योजना भी अधर में लटक जाएगी। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई प्रशासन और वीडीए के स्तर पर होनी है। वीडीए के उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्तव ने कहा कि जल्द कार्रवाई होगी।
वाराणसी मंडल की 50 लाख से ऊपर की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधकों को अभियान चलाकर निर्माणाधीन कार्यों को पूरा कराने की ताकीद की। कार्यसूची और ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के ब्योरे के साथ अधिकारियों को शुक्रवार को तलब किया। जिला महिला चिकित्सालय, वाराणसी के 100 बेड की मैटरनिटी विंग का निर्माण कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कराने की हिदायत दी। दीनापुर एसटीपी को दिसंबर तक प्रत्येक दशा में पूरा कराने का निर्देश दिया। निर्माणाधीन सरायमोहाना, सामनेघाट एवं बलुआ सेतु के प्रगति की समीक्षा में सरायमोहाना का कार्य इसी माह, बलुआ का दिसंबर में पूरा कराने की ताकीद की।
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आइकोनिक के रूप में चयनित किए गए मणिकर्णिकाघाट पर चल रहे निर्माण कार्य की मानीटरिंग के लिए सीडीओ पुलकित खरे को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी बनाए जाने के बाद उन्होंने बुधवार को कार्यदायी संस्थाओं के साथ-साथ विभागीय विकास कार्यों की समीक्षा की। एक अन्य बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हौसला पोषण मिशन के तहत गांव की गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुलाकर दवाई और पुष्टाहार दिए जाएं। लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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वरुणा किनारे चिह्नित अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस तो चार महीने पहले ही जारी हो गया लेकिन कार्रवाई की शुरुआत तो छोड़िए, अब तक उसकी औपचारिकताएं भी वीडीए पूरी नहीं कर सका है। जबकि, सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई 201 करोड़ रुपये की ‘वरुणा कॉरिडोर’ योजना को मूर्तरूप देने में ये अवैध निर्माण सबसे बड़ी बाधा हैं। जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैये से जिम्मेदार महकमों ने भी आंखें मूंद ली हैं। यही हाल रहा तो वरुणा कॉरिडोर योजना भी अधर में लटक जाएगी। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई प्रशासन और वीडीए के स्तर पर होनी है। वीडीए के उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्तव ने कहा कि जल्द कार्रवाई होगी।