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काशी विश्वनाथ मंदिर: धमकी के बाद चप्पे-चप्पे पर नजर,मॉक ड्रिल कर परखी गईं सुरक्षा तैयारियां
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 22 May 2017 11:07 AM IST
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सायरन बजते ही जवानों ने ली पोजीशन
- फोटो : अमर उजाला
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी के बाद रेड जोन की सिक्योरिटी हाई अलर्ट पर है। रविवार को सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए हुए मॉक ड्रिल में भी सभी सिक्योरिटी प्वाइंट पूरी तरह दुरुस्त पाए गए। सायरन बजते ही दर्शनार्थियों को सेफ जोन में कर जवानों ने अपनी-अपनी पोजीशन ले ली थी।
सभी हाइड्रोलिक और पॉवर गेट भी सही तरीके से बंद पाए गए। इस बीच, मंदिर परिक्षेत्र से गंगा घाटों तक बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। हालांकि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
यूपी 100 की पीआरवी के पुलिसकर्मी के पास शनिवार की रात एक मोबाइल से कॉल आई थी कि विश्वनाथ मंदिर को उड़ाने जा रहे हैं, रोक सको तो रोक लो। इसके बाद रात में ही विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई।
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मंदिर परिक्षेत्र से घाटों तक डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की छानबीन रात भर चली। रविवार को दोपहर बाद 4:05 से 4:30 बजे तक 25 मिनट एसपी सुरक्षा शशिकांत तिवारी और सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आरपी सिंह की अगुवाई में मॉक ड्रिल किया गया।
मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त पाई गई।
मंदिर परिक्षेत्र में फोर्स की कमी
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से सूबे के अति संवेदनशील स्थानों में से एक है। मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सात कंपनी पीएसी और तीन कंपनी सीआरपीएफ तैनात है।
वहीं, पुलिस के एक एएसपी, दो डिप्टी एसपी, 10 इंस्पेक्टर, 42 सब इंस्पेक्टर, दो महिला सब इंस्पेक्टर, 121 हेड कांस्टेबल, आठ महिला हेड कांस्टेबल, 44 महिला कांस्टेबल और 229 कांस्टेबल तैनात हैं।
मौजूदा समय में सब इंस्पेक्टर के 141, कांस्टेबल के 179 और महिला कांस्टेबल के 87 पद रिक्त चल रहे हैं। इस संबंध में एसपी सुरक्षा शशिकांत तिवारी ने बताया कि मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में है। संभावना है कि फोर्स की कमी जल्द ही दूर होगी।
मंदिर परिसर के भीतर हो डमी चेकिंग
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ दर्शनार्थी संदिग्ध सामान लेकर मंदिर परिसर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं लेकिन उनकी चेकिंग नहीं हो पाती है। यह सुरक्षा के दृष्टिकोण से किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। ऐसे में सुरक्षा के दृष्टिगत मंदिर परिसर के अंदर डमी चेकिंग का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही विश्वनाथ मंदिर के आसपास के सभी गंगा घाटों की रोजाना एंटी सबाटोज चेकिंग कराने की बात कही गई है।
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सभी हाइड्रोलिक और पॉवर गेट भी सही तरीके से बंद पाए गए। इस बीच, मंदिर परिक्षेत्र से गंगा घाटों तक बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। हालांकि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
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यूपी 100 की पीआरवी के पुलिसकर्मी के पास शनिवार की रात एक मोबाइल से कॉल आई थी कि विश्वनाथ मंदिर को उड़ाने जा रहे हैं, रोक सको तो रोक लो। इसके बाद रात में ही विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई।
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मंदिर परिक्षेत्र से घाटों तक डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की छानबीन रात भर चली। रविवार को दोपहर बाद 4:05 से 4:30 बजे तक 25 मिनट एसपी सुरक्षा शशिकांत तिवारी और सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आरपी सिंह की अगुवाई में मॉक ड्रिल किया गया।
मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त पाई गई।
मंदिर परिक्षेत्र में फोर्स की कमी
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से सूबे के अति संवेदनशील स्थानों में से एक है। मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सात कंपनी पीएसी और तीन कंपनी सीआरपीएफ तैनात है।
वहीं, पुलिस के एक एएसपी, दो डिप्टी एसपी, 10 इंस्पेक्टर, 42 सब इंस्पेक्टर, दो महिला सब इंस्पेक्टर, 121 हेड कांस्टेबल, आठ महिला हेड कांस्टेबल, 44 महिला कांस्टेबल और 229 कांस्टेबल तैनात हैं।
मौजूदा समय में सब इंस्पेक्टर के 141, कांस्टेबल के 179 और महिला कांस्टेबल के 87 पद रिक्त चल रहे हैं। इस संबंध में एसपी सुरक्षा शशिकांत तिवारी ने बताया कि मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में है। संभावना है कि फोर्स की कमी जल्द ही दूर होगी।
मंदिर परिसर के भीतर हो डमी चेकिंग
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ दर्शनार्थी संदिग्ध सामान लेकर मंदिर परिसर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं लेकिन उनकी चेकिंग नहीं हो पाती है। यह सुरक्षा के दृष्टिकोण से किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। ऐसे में सुरक्षा के दृष्टिगत मंदिर परिसर के अंदर डमी चेकिंग का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही विश्वनाथ मंदिर के आसपास के सभी गंगा घाटों की रोजाना एंटी सबाटोज चेकिंग कराने की बात कही गई है।
जिस मोबाइल नंबर से दी गई थी धमकी उसका पता चला
काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : File Photo
जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई थी, वह बलिया निवासी एक बुजुर्ग का निकला। सर्विलांस से यह भी पता चला है कि कॉल भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा किनारे किसी स्थान से की गई थी। छानबीन में पता चला कि बलिया निवासी बुजुर्ग का मोबाइल अस्सी क्षेत्र में कहीं खो गया था।
उसी मोबाइल से किसी ने भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा किनारे किसी स्थान से कॉल की थी। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि छानबीन की जा रही है। धमकी देने वाले को सर्विलांस की मदद से हर हाल में पकड़ा जाएगा। मंदिर परिक्षेत्र में तैनात सीआईएसएफ, पीएसी और पुलिस के जवानों को कड़ी सतर्कता और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
उसी मोबाइल से किसी ने भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा किनारे किसी स्थान से कॉल की थी। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि छानबीन की जा रही है। धमकी देने वाले को सर्विलांस की मदद से हर हाल में पकड़ा जाएगा। मंदिर परिक्षेत्र में तैनात सीआईएसएफ, पीएसी और पुलिस के जवानों को कड़ी सतर्कता और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।