वाराणसी एयरपोर्ट पर मॉक ड्रिल: आसमान में ड्रोन, एटीसी भवन में घुसे हथियारबंद लोग; 84 जवानों ने संभाला मौर्चा
वाराणसी एयरपोर्ट पर मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान ड्रोन और आतंकी हमले की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था परखी गई। इसमें सीआईएसएफ, यूपी एटीएस समेत आठ एजेंसियों के 84 अधिकारियों-जवानों ने हिस्सा लिया।
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वाराणसी एयरपोर्ट पर सोमवार को बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल हुई। ड्रोन से संभावित हवाई खतरे और एटीसी भवन में सशस्त्र लोगों के प्रवेश जैसी काल्पनिक परिस्थितियां बनाकर सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी और आपसी समन्वय को परखा गया।
सीआईएसएफ, यूपी एटीएस समेत आठ एजेंसियों के 84 अधिकारियों और जवानों ने अभ्यास में हिस्सा लिया। दोपहर 1:26 बजे वॉच टावर संख्या-2 पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने एयरपोर्ट की ओर आते यूएवी ड्रोन को देखा। इसकी सूचना सिक्योरिटी ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को दी गई।
इसके बाद एटीसी, एएआई, पुलिस, सीआईएसएफ बीडीडीएस, क्यूआरटी और यूपी एटीएस समेत संबंधित एजेंसियों को सूचना देकर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया शुरू की गई। करीब 1:35 बजे ड्रोन के संभावित खतरे की स्थिति में उसे कार्गो सिटी की ओर मोर्चा के पास गिरने का परिदृश्य बनाया गया। सीआईएसएफ क्यूआरटी और यूपी एटीएस ने इलाके की घेराबंदी की, जबकि बीडीडीएस और डॉग स्क्वाड ने ड्रोन की जांच की।
कुछ देर बाद दोपहर 1:40 बजे एटीसी भवन में तीन सशस्त्र लोगों के जबरन प्रवेश की काल्पनिक सूचना दी गई। अभ्यास के तहत एक नागरिक की मृत्यु और एक पीएसए व एक नागरिक के घायल होने की स्थिति भी बनाई गई। सूचना मिलने पर सीआईएसएफ और यूपी एटीएस की संयुक्त टीमों ने एटीसी भवन में प्रवेश कर कार्रवाई की और तीनों हमलावरों को निष्प्रभावी करने का अभ्यास किया। इसके बाद घायल कर्मियों और नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
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सीआईएसएफ और एटीएस बीडीडीएस की संयुक्त टीमों ने एटीसी भवन और आसपास के क्षेत्र की जांच व तलाशी ली। जांच पूरी होने के बाद दोपहर 2:30 बजे क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया गया। 2:32 बजे इंटीग्रेटेड कमांड पोस्ट के प्रभारी ने अभ्यास समाप्त होने की घोषणा की। मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ के 30, यूपी एटीएस के 30, एएआई के 10, एएआई फायर के पांच, यूपी पुलिस के तीन, एमआई रूम के दो, बीसीएएस के दो और आईबी के दो अधिकारी-जवान शामिल रहे।