{"_id":"80890b5b0d6258734e71690cf357b130","slug":"mini-open-ganga-kinare-health-center-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा किनारे खुलेंगे हेल्थ स्पा सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा किनारे खुलेंगे हेल्थ स्पा सेंटर
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 13 Dec 2015 02:26 AM IST
विज्ञापन
बीएचयू के रुइया मेडिकल ग्राउंड में शनिवार को चार दिवसीय आरोग्य मेले का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद नाईक ने आयुष चिकित्सा पद्धतियों को सशक्त करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैज्ञानिक रूप से विकसित करना होगा।
बताया कि आयुष मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय मिलकर गंभीर रोगों के उपचार पर काम कर रहे हैं। इसका प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। साथ ही गंगा के किनारे स्थित शहरों में हेल्थ स्पा सेंटर खोलने की भी योजना है। इस दिशा में तैयारी चल है।
कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि आयुर्वेद के जरिये भारत विश्व चिकित्सा का पथ प्रदर्शक बन सकता है। उन्होंने विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे आयुर्वेद में शोध व उसके प्रचार-प्रसार को गति दें। आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने आयुर्वेद में क्षार सूत्र की तरह अन्य विधियां खोलने की अपील की।
विज्ञापन
आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा, उत्तर प्रदेश के निदेशक डॉ. विश्वकर्मा ने कहा कि आयुष का विकास एलोपैथ की तर्ज पर किया जाए। आयुष मंत्रालय के संयुक्त सचिव अनिल धनेरीवाल ने कहा की हमें बीमारियों से बचाव और प्रतिरोधक क्षमता विकास पर विशेष ध्यान चाहिए। अतिथियों का स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. एम साहू ने किया।
संचालन प्रो. आनंद चौधरी और धन्यवाद ज्ञापन फिक्की के संयुक्त निदेशक प्रवीण मित्तल ने किया। इस मौके पर आयोजित प्रदर्शनी में दवा कंपनियों ने स्टॉल लगाकर उत्पादों का प्रदर्शन किया। साथ ही मुफ्त ओपीडी में चिकित्सकों ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आयुर्वेद संकाय के विकृति विज्ञान विभाग की ओर से जांचें भी की गईं। इसके अलावा विशेषज्ञों के व्याख्यान भी हुए।
विज्ञापन
बताया कि आयुष मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय मिलकर गंभीर रोगों के उपचार पर काम कर रहे हैं। इसका प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। साथ ही गंगा के किनारे स्थित शहरों में हेल्थ स्पा सेंटर खोलने की भी योजना है। इस दिशा में तैयारी चल है।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि आयुर्वेद के जरिये भारत विश्व चिकित्सा का पथ प्रदर्शक बन सकता है। उन्होंने विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे आयुर्वेद में शोध व उसके प्रचार-प्रसार को गति दें। आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने आयुर्वेद में क्षार सूत्र की तरह अन्य विधियां खोलने की अपील की।
विज्ञापन
आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा, उत्तर प्रदेश के निदेशक डॉ. विश्वकर्मा ने कहा कि आयुष का विकास एलोपैथ की तर्ज पर किया जाए। आयुष मंत्रालय के संयुक्त सचिव अनिल धनेरीवाल ने कहा की हमें बीमारियों से बचाव और प्रतिरोधक क्षमता विकास पर विशेष ध्यान चाहिए। अतिथियों का स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. एम साहू ने किया।
संचालन प्रो. आनंद चौधरी और धन्यवाद ज्ञापन फिक्की के संयुक्त निदेशक प्रवीण मित्तल ने किया। इस मौके पर आयोजित प्रदर्शनी में दवा कंपनियों ने स्टॉल लगाकर उत्पादों का प्रदर्शन किया। साथ ही मुफ्त ओपीडी में चिकित्सकों ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आयुर्वेद संकाय के विकृति विज्ञान विभाग की ओर से जांचें भी की गईं। इसके अलावा विशेषज्ञों के व्याख्यान भी हुए।