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Varanasi : अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, ज्ञानवापी आया था घूमने
Sat, 30 Nov 2024 12:01 AM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Sat, 30 Nov 2024 12:01 AM IST
सार
लखनऊ में पिछले साल दर्ज मुकदमे में आरोपी की तलाश कर रही एटीएस को सफलता हाथ लगी है। अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि वह ज्ञानवापी घूमने आया था और मुखबीर की सूचना पर कैंट स्टेशन से इसे गिरफ्तार किया गया।
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एटीएस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
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विस्तार
अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी गिरोह के सदस्य को यूपी एटीएस ने बृहस्पतिवार की रात कैंट रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। उसके पास से आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरोपी ज्ञानवापी घूमने आया था। उसकी पहचान म्यांमार के मांगडू, अकयाब के दामनखाली निवासी मोहम्मद अब्दुल्ला के रूप में हुई है।
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एटीएस की पूछताछ में मोहम्मद अब्दुला ने बताया कि गिरोह के सदस्य अबू सालेह मंडल, अब्दुल्ला गाजी आदि ने मेरा भारतीय पहचान पत्र अब्दुल सलाम मंडल पुत्र असगर मंडल निवासी दुर्गरबनकटी थाना गढ़बेटा, पश्चिम मेदनीपुर, पश्चिम बंगाल के नाम से बनवाया था। गिरोह की आर्थिक सहायता से ही उसने पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर में जमीन खरीदी और मकान बनवाकर रहने लगा।
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रोहिंग्या व बांग्लोदशियों का व्हाट्स एप ग्रुप बनाया
एटीएस के अनुसार, पूछताछ में मोहम्मद अब्दुल्ला ने बताया कि वह काशी और ज्ञानवापी समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर घूमने आया था। अब एटीएस उसके वाराणसी संपर्क को खंगाल रही है। एटीएस के मुताबिक आरोपी ने भारत में रहने वाले रोहिंग्या व बांग्लादेशियों के कई अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। उसके मोबाइल फोन में सेव भारतीय नंबरों की पड़ताल की जा रही है।
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पिछले साल दर्ज हुआ था केस, अब तक 11 की गिरफ्तारी
एटीएस के अनुसार, कुछ व्यक्तियों का एक गिरोह है, जो अवैध घुसपैठियों को उनकी पहचान छिपाकर फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाता है। इसी आधार पर आरोपी भारत में निवास करते हैं। गिरोह के सदस्य उन्हें आर्थिक सहयोग भी करते हैं। इससे राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। इसी सूचना के आधार पर ही पिछले साल 11 अक्तूबर को धोखाधड़ी, विदेशी अधिनियम समेत अन्य कई गंभीर आरोपों में एटीएस लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।