जलकल पर भड़के मेयर: सदन में बोले- 'जलकल ने पूरे शहर को बर्बाद कर रखा, आपका तो भगवान ही मालिक'
नगर निगम सदन की बैठक शनिवार को हंगामेदार रही। टाउनहॉल में दोपहर 12:40 बजे बैठक शुरू हुई, जाे शाम 6:55 बजे तक चलती रही। इस बीच 13 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस दौरान मेयर व पार्षदों के निशाने पर जलकल के महाप्रबंधक अरूणेंद्र कुमार राजपूत रहे।
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नगर निगम सदन की बैठक शनिवार को हंगामेदार रही। टाउनहॉल में दोपहर 12:40 बजे बैठक शुरू हुई, जाे शाम 6:55 बजे तक चलती रही। इस बीच 13 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस दौरान मेयर व पार्षदों के निशाने पर जलकल के महाप्रबंधक अरूणेंद्र कुमार राजपूत रहे। ज्यादातर पार्षदों ने सीवर की समस्या बताई और कहा कि पहले सदन और कार्यकारिणी में तय मुद्दों पर कुछ नहीं हो रहा। महाप्रबंधक पक्ष रखने के लिए खड़े हुए तो मेयर बिफर गए।
- हर जोन में जलकल कर्मचारियों की नियुक्ति क्याें नहीं ?।
- जोनल कार्यालयों पर जनसुनवाई हुई, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं।- कार्यकारिणी व सदन ने जो तय किया, वह क्यों नहीं हुआ।
- पार्षद सीवर की समस्या बताते हैं, फिर भी समाधान नहीं।- जलकल के इंजीनियर व कर्मचारी फोन क्यों नहीं उठाते?
जलकल महाप्रबंधक का पक्ष- नए क्षेत्रों में सीवर लाइन डाली जा रही ।
- मुख्य लाइनों की तरह ही ब्रांच लाइनों की सफाई कराई जा रही।- अब उपकरणों की मदद से कराई जा रही सफाई।
- नव विस्तारित इलाकों में नई सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव- शिकायत का समाधान करा रहे
एक हजार करोड़ से भी नहीं सुधरी काशी की सीवर व्यवस्था
काशी की सीवर व्यवस्था पर 19 वर्षों में एक हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, फिर भी समस्या जस की तस है। मोहल्ले, गली व क्षेत्रों में सीवर की समस्या बनी हुई है। कबीरचौरा क्षेत्र की जनता परेशान है। सीवर ओवरफ्लो हो रहा है। इसी तरह की समस्या मणिकर्णिका घाट व दशाश्वमेध क्षेत्र में बनी हुई है।इन प्रस्तावों पर हुई चर्चा
स्टील की रेलिंग: प्रमुख चौराहों के 50 मीटर दायरे में स्टील की रेलिंग लगाने के लिए सर्वे होगा। नगर निगम फंड की आवश्यकता के बारे में बताएगा।आर्थिक क्षति का आकलन: निगम निधि की रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें आय और व्यय का पूरा ब्योरा होगा। इससे आर्थिक क्षति का आकलन किया जाएगा। बुनकरों से ज्यादा कर: जिस प्रकार मोची, धोबी, कोहार और लोहार से गृह कर लिया जा रहा है, उसी तरह बुनकरों से भी गृहकर लिया जाए। इनका कर 100 फीसदी बढ़ा दिया गया है।
बंदरों और कुत्तों का आतंक: बंदरों व कुत्तों को पकड़कर कहां छोड़ा जा रहा, इसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
ओपन जिम: शहर के 50 पार्कों मेंं ओपन जिम खोला जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना नगर निगम बनाएगा।
जोनल अधिकारी पर शिकंजा: पीडीआर माल का गृह कर घटाने के मामले में तत्कालीन जोनल अधिकारी राजेश अग्रवाल के खिलाफ एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी गई। सभी सफाई कर्मचारियों का वेतन समय से आए, इसे सुनिश्चत किया जाए।नाम-नंबर दें: सोमवार तक सभी पार्षदों को वार्डवार सुपरवाइजर, सफाई कर्मचारियोंं के नाम और मोबाइल नंबर दिए जाएं।
पार्षदों से किसी व्यक्ति के सत्यापन की रिपोर्ट न मांगी जाए। इसे लेकर जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजा जाएगा। पार्षदों ने अधिकारियों की गाडिय़ों का हिसाब मांगा। जल्द सूची देने की मांग की है।
आप तीसरे मेयर हैं, जो सदन बनाने की कर रहे बात
भाजपा पार्षद राजेश यादव चल्लू ने कहा कि नगर निगम में जलपान गृह बनाया जाए। अशोक तिवारी की तरफ इशारा किया और कहा कि आप तीसरे मेयर हैं, जिन्होंने सदन बनाने की बात कही है। पूर्व मेयर रामगोपाल मोहले, मृदुला जायसवाल ने भी सदन बनाने की बात कही थी। इस पर मेयर ने जवाब दिया कि तीन माह के भीतर 1.12 लाख स्क्यावयर फीट में सदन भवन का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसमें तीन जलपान गृह बनेंगे।आपस में भिड़े पार्षद
नए और पुराने क्षेत्रों के पार्षद सवाल-जवाब को लेकर आपस में भिड़ गए। नए क्षेत्र के पार्षदोंं ने कहा कि चार- पांच लोगों को ही बोलने का मौका दिया जा रहा है। इस पर प्रह्लाद घाट के पार्षद अभिजीत पाठक के जवाब दिया। वरिष्ठ पार्षद नरसिंह दास ने कहा कि आप लोगों को प्रस्ताव देना चाहिए था।सपा पार्षद दल के नेता की पत्नी गीता का नाम कागज पर सीता
सपा पार्षद दल के नेता अमरदेव यादव ने कहा कि उनके मकान में पत्नी गीता का नाम सीता कर दिया गया। इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। इस प्रकार की गड़बड़ी कई मकानों में हुई है। जिसका जवाब अधिकारी नहीं दे पाए।तत्काल शुरू कराएं फागिंगडेंगू की गंभीरता को देखते हुए मेयर ने अधिकारियों से कहा कि टेंडर प्रक्रिया अपनाने में देर होगी। किसी भी तरीके से एक दिन के भीतर उपकरण खरीदकर फागिंग की वार्डवार व्यवस्था में सुनिश्चित कराएं। इसकी जिम्मेदारी अपर नगर आयुक्त दुष्यंत कुमार मौर्य को दी गई।
ईईएसएल को एफआईआर की चेतावनी
स्ट्रीट लाइटों की खराबी और किरकिरी को देखते हुए नगर निगम के पथ प्रकाश विभाग से जवाब मांगा गया। सभी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने को कहा गया। ईईएसएल के वरिष्ठ अभियंता अवधेश मौर्या को चेतावनी दी गई। मेयर ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त नहीं हुईं तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।