बीएचयू में जुटे भारत और अमरीका के गणितज्ञ
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बीएचयू में अमेरिकन मैथमेटिक्स सोसाइटी और इंडिया मैथमेटिक्स कंसोर्टियम के सहयोग से गणित पर पहली बार भारत में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत बुधवार को हुई। इसमें अमेरिकन मैथमेटिक्स सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. रॉबर्ट ब्रैंड ने कहा कि गणित में भारत में हुए शोध और अध्ययन को काफी सराहा जा रहा है। शून्य का ईजाद करने वाले भारत के साथ अमेरिका मिलकर काम करना चाहता है।
इसकी कोशिश बहुत दिन से की जा रही है। आज मौका मिला है जब अमेरिकन सोसाइटी और इंडियन मैथमेटिक्स कंसोर्टियम मिलकर गणित के क्षेत्र में मिल कर काम करें। एक दूसरे के यहां गणित में हो रिसर्च वर्क का फायदा दोनों मिलकर उठाएं। उम्मीद है कि इस जुड़ाव से नई चीजें निकल सामने आए जो कि समाजोपयोगी होगी।
बीएचयू में हो रहे गणितज्ञों के सम्मेलन में शिरकत करने आए दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. बीके दास ने बताया कि आतंकियों के कोड वर्ड को क्रैक करने में गणित की ही भूमिका है। इसे क्रिप्टोग्राफी कहते हैं। कोड वर्ड को डिकोड करना अपने आप में एक अनूठी विधा है जो कि पूरी तरह से गणित पर निर्भर है।
रामानुजन मैथमेटिक्स सोसाइटी के शैक्षणिक सचिव प्रो. एपी सिंह ने बताया कि बच्चों में गणित के प्रति रुचि कम होना, या उसे कठिन विषय मानने के पीछे वजह बस इतनी है कि हम गणित को व्यवस्थित ढंग से नहीं समझते। अभ्यास और अध्ययन से ही गणित को सीखा समझा जा सकता है। कंसोर्टियम के अध्यक्ष प्रो. रवि कुलकर्णी ने कहा कि देश के करीब आठ गणित के संगठन इस कंसोर्टियम में हिस्सेदारी की है।
इससे गणितीय विज्ञान में हो रहे शोध की गुणवत्ता को बल मिलेगा। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि शताब्दी वर्ष में होने वाला ये गणितज्ञों का सम्मेलन हमारे लिए गौरव की बात है।