UP: श्री ललिता सहस्रनाम मंत्रों का एक करोड़ बार होगा सामूहिक पाठ, जुटेंगे हजारों श्रद्धालु; तैयारी तेज
Mirzapur News: विंध्याचल में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में 50वें श्री विद्या कोटी कुमकुमर्चन महायज्ञ का आयोजन होगा। महायज्ञ में श्री ललिता सहस्रनाम का एक करोड़ बार पाठ और कुमकुम अर्चन किया जाएगा। दक्षिण भारत व काशी के विद्वान शामिल होंगे। हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
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UP News: देश की प्रगति, विश्व शांति और गरीब कल्याण के उद्देश्य से विंध्याचल में श्री विद्या कोटी कुमकुमर्चन महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। विंध्य रेसिडेंसी में आयोजित होने वाला यह महानुष्ठान स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में 8 और 9 जून को संपन्न होगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
आयोजन समिति के अनुसार, यह अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में आयोजित होने वाला 50वां महायज्ञ है। इससे पहले देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में उनके मार्गदर्शन में 49 महायज्ञ सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। उनका संकल्प है कि देश के प्रत्येक जिले में श्री विद्या कोटी कुमकुमर्चन महायज्ञ का आयोजन कराया जाए, जिससे सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार हो सके।
महायज्ञ की सबसे बड़ी विशेषता श्री ललिता सहस्रनाम मंत्रों का एक करोड़ बार सामूहिक पाठ होगा। इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में सुहासिनी माताएं एवं श्रद्धालु भाग लेकर कुमकुम अर्चन करेंगे। आयोजन में दक्षिण भारत से विशेष रूप से मंगाए गए कुमकुम का उपयोग किया जाएगा, जिससे यह अनुष्ठान दक्षिण भारतीय वैदिक परंपरा के अनुरूप संपन्न होगा।
महायज्ञ में दक्षिण भारत और काशी के प्रख्यात विद्वान आचार्य एवं धर्माचार्य शामिल होंगे। वे धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर अपने विचार भी प्रस्तुत करेंगे। आयोजन के दौरान सनातन धर्म, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की भी संभावना है।
अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि सनातन धर्म विश्व का सिरमौर है और यही धर्म विश्व की प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। उन्होंने युवाओं से सनातन संस्कृति से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलकर राष्ट्र के वैभव और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
आयोजन समिति के अनुसार मिर्जापुर, विंध्याचल सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। समिति ने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य-लाभ अर्जित करने की अपील की है।