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यूपीः शहीद की पत्नी ने आर्थिक सहायता देने में सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 06 Oct 2018 12:12 PM IST
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शहीद मंगला पटेल की पत्नी शीला देवी
- फोटो : amar ujala
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यूपी में एक शहीद की पत्नी ने आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने के मामले में प्रदेश की योगी सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। शहीद जवान का परिवार वाराणसी का रहने वाला है।
बनारस में शुक्रवार को परेड कोठी स्थित टूरिस्ट बंगलो में शहीद मंगला पटेल की पत्नी शीला देवी ने पत्रकारों से कहा कि सीमा सुरक्षा बल में इंजीनियर पद पर कार्यरत जवान मंगला पटेल श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान पांच जनवरी 2018 को हिमस्खलन में शहीद हो गए थे।
शहीद जवान का परिवार खेती किसानी करता है। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। घटना के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय आयर स्थित शहीद जवान के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। उन्होंने 20 लाख रुपये और शहीद परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने का वादा किया था।
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इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल भी घर गई थी। उन्होंने भी 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया था। अब तक शहीद परिवार को धेला तक नहीं मिला।
प्रदेश सरकार का गठन होने के बाद सीमा पर शहीद होने वाले जवानों के परिवार वालों को राज्य सरकार में सरकारी नौकरी देने के फैसले को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। अपना दल के नेताओं ने शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये और नौकरी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में मांगें पूरी नहीं हुई तो शहीद के गांव में अनशन होगा।
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बनारस में शुक्रवार को परेड कोठी स्थित टूरिस्ट बंगलो में शहीद मंगला पटेल की पत्नी शीला देवी ने पत्रकारों से कहा कि सीमा सुरक्षा बल में इंजीनियर पद पर कार्यरत जवान मंगला पटेल श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान पांच जनवरी 2018 को हिमस्खलन में शहीद हो गए थे।
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शहीद जवान का परिवार खेती किसानी करता है। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। घटना के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय आयर स्थित शहीद जवान के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। उन्होंने 20 लाख रुपये और शहीद परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने का वादा किया था।
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इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल भी घर गई थी। उन्होंने भी 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया था। अब तक शहीद परिवार को धेला तक नहीं मिला।
प्रदेश सरकार का गठन होने के बाद सीमा पर शहीद होने वाले जवानों के परिवार वालों को राज्य सरकार में सरकारी नौकरी देने के फैसले को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। अपना दल के नेताओं ने शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये और नौकरी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में मांगें पूरी नहीं हुई तो शहीद के गांव में अनशन होगा।