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सास- ननद ने नहीं खोला दरवाजा, ससुराल की चौखट पर बैठी विवाहिता

Fri, 15 Dec 2017 10:56 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,मऊ
ब्यूरो,अमर उजाला,मऊ Updated Fri, 15 Dec 2017 10:56 AM IST
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married women protest for justice at inlaws gate
विवाहिता बीना की मदद में महिला हेल्पलाइन भी हुई फेल - फोटो : अमर उजाला
मायके से जब एक विवाहिता अपने ससुराल पहुंचीं तो सास और ननद ने दरवाजा बंद कर लिया और उसे अंदर नहीं घुसने दिया। घर में प्रवेश पाने के लिए पूरी रात वह चौखट पर बैठी रही। उसका पति नौसेना में कार्यरत है।
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गुरुवार को दिन में कोतवाली में हुई पंचायत के बद सास ननद उसे घर में रखने के लिए तैयार हो गईं लेकिन घर पहुंचते ही विवाहिता को घर के अंदर नहीं घुसने दिया। पुलिस प्रशासन और 181 महिला आशा ज्योति हेल्पलाइन भी महिला की मदद करने में असमर्थ रहीं।  मामला यूपी के मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र का है।
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क्षेत्र के डंगौली ग्राम निवासी सूरजकांत त्रिपाठी का विवाह 20 जून 2014 को दोहरीघाट थाना क्षेत्र के गंगयापार निवासी बीना से हुआ था। बीना का पति सूरजकांत त्रिपाठी नौसेना में कार्यरत है। घर पर केवल उसकी ननद और सास रहती हैं।
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बीना का आरोप है कि विवाह के एक साल तक तो सब कुछ ठीक ठाक रहा। लेकिन उसके बाद उसे ससुराल के लोग उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि ससुराल वालों की प्रताड़ना से वह मायके चली गई।

बीना बुधवार की शाम को अपने ससुराल पहुंची तो उसकी सास और ननद ने दरवाजा बंद कर उसे घर में घुसने से रोक दिया। वह पति की चौखट पर बैठ गई। पूरी रात चौखट पर बैठी रही।
गुरुवार की सुबह भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने100 डायल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सास ननद और विवाहिता को लेकर मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली पहुंची। 
 

सास ने बताया, इस कारण घर में नहीं दिया प्रवेश

married women protest for justice at inlaws gate
20 जून 2014 को हुई थी शादी - फोटो : demo pic
इस संबंध में पीड़िता बीना त्रिपाठी का कहना है कि उसके पति सूरजकांत त्रिपाठी भारतीय नौ सेना में कार्यरत हैं। लेकिन शादी के दूसरे दिन से ही ननद-सास, पति द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ में रहने के लिए कहने पर कोर्ट का हवाला देते हैं।

इस हालात में मैं बेसहारा कहां जाऊं। गुरूवार की सुबह पीड़िता बीना त्रिपाठी को घर में न रहने देने की वजह से सुबह 100 नंबर पुलिस पर सूचना दी।  पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को कोतवाली बुलवाया। काफी देर तक कोतवाली में सुलह-समझौते की बात चली लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। 

पीड़िता ससुराल में पड़ोसी के घर रहने को विवश है। इधर दोपहर में 181 महिला आशा ज्योति हेल्पलाइन की टीम में रंजना मौर्य, निवेदिता सिंह, सारिका दूबे मौके पर पहुंचकर ससुराल वालों को काफी देर तक समझाया बुझाया लेकिन पीड़िता को ससुराल वाले घर में न रहने देने के जिद पर अड़े रहे।

ससुराल वालों का कहना है कि  विवाह-विच्छेद का मामला कोर्ट में चल रहा है। सीओ मुहम्मदाबाद गोहना अनिल कुमार ने बताया कि कोर्ट में मामला लंबित होने और पति के बाहर रहने के कारण सास बहू को घर में प्रवेश नहीं दी।

सास को डर था कि कोई हादसा होने पर जिम्मेदार कौन लेगा। इस कारण पुलिस विवाहिता को उसके घर पहुंचा दी।
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