{"_id":"57b620b34f1c1bd0596ec712","slug":"many-villages-lost-contact-with-each-other","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई गांवों का आपस में संपर्क टूटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई गांवों का आपस में संपर्क टूटा
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 19 Aug 2016 02:25 AM IST
विज्ञापन
ganga flud
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा के साथ उसकी सहायक नाद नदी और गोमती में उफान से ढाब इलाके के अजांव, बरथरा खुर्द, मठिया, हरिहरपुर, धौरहरा, भगवानपुर, कुर्सिया, टेकुरी लक्खी शिवसेनपुर, रजवाड़ी आदि गांवों में गन्ना, बाजरा, उर्द, धान, तिल की हजारों एकड़ फसल बाढ़ के कारण बर्बाद हो गई हैं। कई गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। रमचंदीपुर, गोबरहा, मुस्तफाबाद, मोकलपुर, शिवदशा, जाल्हूपुर, भगतुआ, लूठा सहित अन्य गांवों में पानी घुसने के बाद लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने लगे हैं। इसके लिए नाव की मदद मांगी जा रही है।
चारों ओर से बाढ़ से घिरे पिपरी गांव से लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। तमाम परिवारों ने छतों पर शरण ली है। सबसे बड़ी समस्या पशुओं बांधने और शौच की है। चारे का भी संकट बढ़ गया है। बर्थरा के रामजी, अजाव के कन्हैया यादव, धौरहरा के मुस्तफा, भगवानपुर के शहेंद्र पाल ने बताया कि लगातार पानी बढ़ने से बर्थरा खुर्द बेला मार्ग बंद हो गया है। मठिया पिपरी पुल डूब गया है। हरिहरपुर बेला मार्ग जलमग्न हो गया। हरिहरपुर में दो नावें चलाई जा रही हैं। पिपरी गांव के लोग धौरहरा बाजार से खरीदारी कर रहे हैं। वहीं राजस्व विभाग ने हरिहरपुर के प्राथमिक विद्यालय को शरण स्थल बनाया है लेकिन कोई बाढ़ पीड़ित वहां नहीं आया है।
चोलापुर ब्लाक के अजगरा, उधोरामपुर, नियार, हरदासीपुरए, रजला, नेवादा, बाबतपुर समेत कई गांवों में मुसीबत खड़ी हो गई है। तकरीबन पांच हजार एकड़ फसल जलमग्न है तो वही बेला पिपरी धरहरा वही नियाड़ीह दानगंज का संपर्क टूट गया है। आवागमन ठप होने से ग्रामीण बेहाल हैं लेकिन क्षेत्र में बाढ़ राहत चौकियां सक्रिय नहीं हैं। उधर, शाहंशाहपुर के ताल तक गंगा के बाढ़ का पानी पहुंच गया है। मेड़िया पुल के रास्ते दक्षिणी छोर के गांव भी बाढ़ से घिर गए हैं। मेड़िया पुल के डूब जाने से वाराणसी के बच्छाव से चुनार मेड़िया घाट का संपर्क टूट गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चारों ओर से बाढ़ से घिरे पिपरी गांव से लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। तमाम परिवारों ने छतों पर शरण ली है। सबसे बड़ी समस्या पशुओं बांधने और शौच की है। चारे का भी संकट बढ़ गया है। बर्थरा के रामजी, अजाव के कन्हैया यादव, धौरहरा के मुस्तफा, भगवानपुर के शहेंद्र पाल ने बताया कि लगातार पानी बढ़ने से बर्थरा खुर्द बेला मार्ग बंद हो गया है। मठिया पिपरी पुल डूब गया है। हरिहरपुर बेला मार्ग जलमग्न हो गया। हरिहरपुर में दो नावें चलाई जा रही हैं। पिपरी गांव के लोग धौरहरा बाजार से खरीदारी कर रहे हैं। वहीं राजस्व विभाग ने हरिहरपुर के प्राथमिक विद्यालय को शरण स्थल बनाया है लेकिन कोई बाढ़ पीड़ित वहां नहीं आया है।
विज्ञापन
चोलापुर ब्लाक के अजगरा, उधोरामपुर, नियार, हरदासीपुरए, रजला, नेवादा, बाबतपुर समेत कई गांवों में मुसीबत खड़ी हो गई है। तकरीबन पांच हजार एकड़ फसल जलमग्न है तो वही बेला पिपरी धरहरा वही नियाड़ीह दानगंज का संपर्क टूट गया है। आवागमन ठप होने से ग्रामीण बेहाल हैं लेकिन क्षेत्र में बाढ़ राहत चौकियां सक्रिय नहीं हैं। उधर, शाहंशाहपुर के ताल तक गंगा के बाढ़ का पानी पहुंच गया है। मेड़िया पुल के रास्ते दक्षिणी छोर के गांव भी बाढ़ से घिर गए हैं। मेड़िया पुल के डूब जाने से वाराणसी के बच्छाव से चुनार मेड़िया घाट का संपर्क टूट गया है।
विज्ञापन