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Varanasi News: पुलिस टीम पर हमले के मामले में 25 आरोपी दोषमुक्त, 13 साल बाद आया फैसला; यहां पढ़ें पूरा मामला
Mon, 10 Jun 2024 05:32 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 10 Jun 2024 05:32 PM IST
सार
वाराणसी में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में 25 आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। सभी लोगों पर अपहरण हुए युवक का पता नहीं चलने पर धरना-प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला करने का आरोप था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
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विस्तार
अपहरण हुए युवक का पता नहीं चलने से नाराज लोगों द्वारा धरना-प्रदर्शन के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में 25 आरोपियों को कोर्ट से राहत मिल गई। अपर जिला जज (त्रयोदश) मनोज कुमार सिंह की अदालत ने इस मामले में मुनीब राजभर समेत 25 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार लंका थाना क्षेत्र के चौकी प्रभारी नगवा तहसीलदार सिंह ने लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि वह लंका थाना क्षेत्र के नगवां से एक युवक के अपहरण के मामले की विवेचना कर रहे थे। उसी दौरान मालूम हुआ कि उक्त अभियोग से सम्बन्धित अपहृत राजा साहनी का अभी तक पता न चल पाने की बात को लेकर कुछ लोग मदरवां के सामने 05 अक्टूबर, 2010 को मुख्य मार्ग पर रोड जाम करके प्रदर्शन कर रहे हैं।
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इससे आवागमन अवरूद्ध हो गया है। आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। एम्बुलेंस की कई गाड़ियां फंसी हुई हैं। इस सूचना पर जब वह वहां पहुंचे और उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
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जानकारी के बाद सीओ भेलूपुर, लंका थाना प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मायके पर पहुंचे तो देखा कि सड़क पर दोनों तरफ से काफी मात्रा में रोड पर वाहन बेतरतीब खड़े है तथा लोग आगे-पीछे गाड़ियों को किनारे एवं बीच में खड़ा किए हैं। एबुलेंस की गाड़ियां फंसी हैं और सायरन बज रही है।
इस पर पुलिस लोगों को हटाते-बढ़ाते आगे बढ़ा तो देखा कि करीब ढाई तीन सौ लोग बीचों बीच सड़क पर बांस-बल्ली लगाकर आवागमन अवरूद्ध किए हैं। उन्हें समझाने का प्रयास किया तो वह लोग उग्र हो गए। साथ ही पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर चलाने लगे। जिससे सीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
इस पर पुलिस लोगों को हटाते-बढ़ाते आगे बढ़ा तो देखा कि करीब ढाई तीन सौ लोग बीचों बीच सड़क पर बांस-बल्ली लगाकर आवागमन अवरूद्ध किए हैं। उन्हें समझाने का प्रयास किया तो वह लोग उग्र हो गए। साथ ही पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर चलाने लगे। जिससे सीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
इसी बीच हमलावरों ने दरोगा तहसीलदार सिंह को जान से मारने की नियत से उनके सिर पर लाठी से प्रहार किया। हालांकि, सिर पर हेलमेट होने की वजह से वह बाल-बाल बच गए। इस मामले में पुलिस ने मुनीब राजभर समेत 25 लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 149, 427, 353, 332, 336, 307, 504, 506 व धारा 7 क्रिमिनल लॉ एमेन्डमेंट एक्ट व धारा 3/4 लोक संपत्ति के नुकसानी (निवारण) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।