फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   manrega

एक जुलाई से 79 राजस्व गांवों में नहीं होगा मनरेगा का काम

Mon, 29 Jun 2020 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 12:36 AM IST
विज्ञापन
manrega
वाराणसी। एक जुलाई से 79 राजस्व गांवों में मनरेगा के तहत काम नहीं होंगे। इन गांवों के लोग अब प्रधान की जगह पार्षद चुनेंगे। ये सभी गांव नगर निगम सीमा शामिल हुए हैं। सीडीओ मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि यह सभी नगरीय सीमा से सटे गांव हैं। जहां सुविधाएं भी नगरीय जैसी हैं। इन गांवों को नगर निगम में शामिल करने किया गया है। धीरे-धीरे करके इन गांवों की व्यवस्था निगम को हस्तांतरित होगी। ग्रामसभा निधि की धनराशि पंचायती राज विभाग की ओर से भेजी जाती है। वह भी इस साल नहीं जाएगी। बाकी क्रियान्वयन के संबंध में शासन से गाइडलाइन जारी की जाएगी।
विज्ञापन

वहां से प्रारूप आने के बाद ही पता चलेगा कैसे काम होगा। इन गांवों के शामिल होने के बाद वाराणसी नगर निगम का क्षेत्रफल बढ़कर 8621.691 हेक्टेयर हो गया है। इन गांवों के शामिल होने से वाराणसी जिले की 63 ग्राम पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो गया है। मंडलायुक्त ने 5 अगस्त 2016 को यह प्रस्ताव उपलब्ध कराया था। इसके आधार पर 77 गांवों का संपूर्ण क्षेत्रफल और दो गांवों का आंशिक क्षेत्रफल शामिल किया गया है। नगर निगम वाराणसी की सीमा के निकटवर्ती गांवों में शहरीकरण की बढ़ती प्रवृत्ति और उसमें हो रहे अनियोजित विकास को नियोजित करने के उद्देश्य से यह किया गया है।
विज्ञापन

विस्तार के बाद बढ़ेंगे 20 वार्ड और एक जोन
शासन जब विस्तार को स्वीकृति देगा तो वह संसाधनों व सुविधाओं में भी बढ़ोतरी करेगा। एक बजट भी निर्गत किया जाएगा ताकि मूलभूत सुविधाएं नागरिकों को प्रदान की जा सके। अनुमान के अनुसार इन 79 गांवों को शहरी सीमा में शामिल करने के बाद करीब 20 वार्ड बढ़ेंगे और एक जोन बढ़ाना होगा। वर्तमान में 90 वार्ड व पांच जोन मौजूद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कर के दायरे में होंगे 75 हजार घर
इन 79 गांवों में करीब 75 हजार घरों का निर्माण हुआ है। विस्तार के बाद ये घर नगर निगम, जलकल समेत अन्य विभागों के राजस्व दायरे में आ जाएंगे। इसमें गृहकर, जलकल व जल मूल्य, शहरी बिजली अधिभार आदि प्रमुख होंगे। जिससे इन गांवों में गलियां व सड़कें पक्की हो जाएंगी, तो सीवर, पेयजल, बिजली, नाली, नाला, स्टार्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइटें आदि के कार्य होंगे।
1967-68 में हुआ था सीमा विस्तार
नगर निगम ने इससे पहले 1967-68 में सीमा विस्तार किया था। तब शहर के दक्षिण-पूर्व में सामनेघाट, बीएचयू, दक्षिण-पश्चिम में चितईपुर,कंदवां, भिखारीपुर, तुलसीपुर, रानीपुर, उतर-पश्चिम में सारनाथ, आशापुर जैसे इलाके नगर निगम सीमा में मिलाए गए थे। इस तरह से फिलहाल 120 गांव नगर निगम सीमा में है।

शामिल होने वाले गांव
भगवानपुर, डाफी आंशिक, छितुपुरा, सुसुवाही, चितईपुर, अवलेशपुर, करौदी, सीरगोवर्द्धनपुर, नासिरपुर, नुआंव, कंदवा, पोगलपुर, चुरामनपुर, मड़ौली, ककरमता, जलालीपट्टी, पहाड़ी, गणेशपुर, कंचनपुर है। भिखारीपुरकला, भिखारीपुरखुर्द, चांदपुर आंशिक, महेशपुर, शिवदासपुर, तुलसीपुर, मण्डुआडीह, लहरतारा, फुलवरिया, बड़ागांव, नाथूपुर, तरना, गणेशपुर (शिवपुर) है। हटिया, छतरीपुर, चुप्पेपुर, होलापुर, परमानंदपुर, लोढ़ान, बासदेवपुर, अहमदपुर, हरिहरपुर, सरसवां, कानूडीह, दादूपुर, ऐढ़े, हरबल्लभपुर, बनवारीपुर, लमही, मढ़वां, रसूलपुर, सोयेपुर, रमदतपुर, गोइठहां, रजनहियां, हृदयपुर, हसनपुर, सिंहपुर, मुगदरपुर, खजुहीं, फरीदपुर, बकसड़ा, खरगपुर है। मझमिठियां, संदहा, हिरामनपुर, रूस्तमपुर, तिलमापुर, आशापुर, लेढूपुर, रसूलगढ़, रघुनाथपुर, दीनापुर, सलारपुर, खालिसपुर, कोटवां, सरायमोहाना, डोमरी, सूजाबाद और हासिमपुर गांव है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed