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टोल बचाने के लिए बना फर्जी दरोगा: प्रेस रिपोर्टर का भी आईकार्ड मिला, सियासी ध्वज लगी स्कॉर्पियो बरामद; अरेस्ट

Wed, 30 Sep 2026 08:38 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Wed, 30 Sep 2026 08:38 PM IST
सार

लालपुर-पांडेयपुर क्षेत्र में पुलिस ने खुद को उप निरीक्षक और प्रेस रिपोर्टर बताने वाले युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से कूटरचित पुलिस व प्रेस आईकार्ड, पुलिस की टोपी-वर्दी, चार मोबाइल और राजनीतिक ध्वज लगी स्कॉर्पियो मिली। पुलिस के अनुसार आरोपी ने टोल और चालान से बचने के लिए फर्जी पुलिस आईकार्ड बनवाया था।

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Man posed fake Sub-Inspector evade toll press reporter ID card Scorpio bearing political flag recovered
सियासी ध्वज लगी स्कॉर्पियो के साथ युवक गिरफ्तार। - फोटो : संवाद

विस्तार

लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने खुद को उप निरीक्षक और प्रेस रिपोर्टर बताकर घूम रहे युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से उत्तर प्रदेश पुलिस का कूटरचित आईकार्ड, प्रेस आईकार्ड, पुलिस लिखी टोपी-वर्दी, राजनीतिक ध्वज लगी स्कॉर्पियो और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

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पुलिस के अनुसार 29 सितंबर को उप निरीक्षक दिनेश सिंह क्षेत्र में गश्त, सुरागरसी और अपराध की रोकथाम के लिए निकले थे। पांडेयपुर चौराहे पर उप निरीक्षक प्रद्युम्न राय पुलिसकर्मियों के साथ यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। इसी दौरान बाटा शोरूम के पास मुख्य मार्ग पर स्कॉर्पियो संख्या UP 67 AL 3313 खड़ी मिली। वाहन के कारण आवागमन बाधित हो रहा था।

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पुलिस की जांच
पुलिसकर्मियों ने चालक से वाहन हटाने और चालान किए जाने की बात कही। इस पर युवक ने खुद को प्रेस रिपोर्टर बताते हुए हिंदी दैनिक के नाम से बना आईकार्ड दिखाया। पूछताछ में उसने अपना नाम अनुभव आनंद पांडेय (30) पुत्र पवन कुमार पांडेय, निवासी पांडेयपुर मिल्की, डेढ़वलिया, थाना धानापुर, चंदौली बताया।

पुलिस के मुताबिक वाहन पर पुलिस लिखा होने के संबंध में पूछताछ करने पर युवक ने खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का उप निरीक्षक बताया और पुलिस का आईकार्ड दिखाया। कार्ड पर उसका पद सब इंस्पेक्टर, जन्मतिथि 20 अक्तूबर 1992, वैधता 31 दिसंबर 2043 और पीएनओ नंबर अंकित था। पीएनओ नंबर के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। इसके बाद उसने फर्जी आईकार्ड बनवाने की बात स्वीकार की।

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चार मोबाइल लेकर चलता था
तलाशी में दो कूटरचित आईकार्ड, पुलिस की टोपी-वर्दी और चार मोबाइल फोन मिले। दूसरे आईकार्ड में उसे चंदौली का ब्यूरो चीफ दर्शाया गया था। मोबाइल में एप्पल, सैमसंग, वीवो और सोनी के फोन शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि वह एमबीए तक पढ़ा है और बेरोजगार है। टोल शुल्क और पुलिस के चालान से बचने के लिए उसने अपनी मर्जी से फर्जी पुलिस आईकार्ड तैयार किया था। स्कॉर्पियो उसने अपने चचेरे भाई पंकज प्रसून पांडेय की बताई।

पुलिस ने आरोपी को रात करीब 10:20 बजे गिरफ्तार किया। दोनों फर्जी आईकार्ड और चारों मोबाइल फोन सील कर दिए गए। स्कॉर्पियो को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 204, 336 और 340(2) में कार्रवाई की गई है।

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