बनारसः मॉल के ही एक कर्मचारी ने शूटरों की कराई थी एंट्री, फायरिंग करने से पहले तक थी यह प्लानिंग
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गेट पर मौजूद गार्ड्स ने जब तीनों को रोका तो रोहित ने मॉल में काम करने का हवाला देते हुए चेकिंग न करने को कहा। बताया जा रहा है कि इस दौरान आलोक की प्रेमिका उसके साथ थी। पुलिस ने रोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
काशी विद्यापीठ के छात्र आलोक उपाध्याय अपनी प्रेमिका की छोटी बहन से हुई बदसलूकी से नाराज होकर जेएचवी मॉल स्थित प्यूमा के शोरूम के कर्मचारी प्रशांत अग्रहरि को तीन दोस्तों के साथ धमकाने आया था।
आलोक की बातों को शोरूम में मौजूद लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया तो उसने पिस्टल निकाल ली। इस पर शोरूम मैनेजर हर्षित तिवारी सहित अन्य ने आलोक की पिस्टल छीन ली। साथ ही, आलोक को लोग पीटने लगे तो शोरूम बाहर खड़े उसके दो साथियों ने दो पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। जिससे दो लोगो की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए।
इसके साथ ही मॉल में भगदड़ मच गई। यह देख 3:42 बजे ऋषभ और कुंदन ने फायरिंग शुरू कर दी और लगभग दो मिनट बाद पीछे के गेट से असलहे लहराते हुए चारों भाग निकले। आलोक की प्रेमिका भी इनके साथ ही गई। मॉल से बरामद पिस्टल की मैगजीन पुलिस को नहीं मिली है।
बता दें कि आलोक की प्रेमिका की बहन प्रशांत अग्रहरि के साथ काम करती थी। प्रेमिका की बहन के अनुसार प्रशांत ने उससे बदसलूकी की थी और उसने जब इसकी शिकायत शोरूम के मैनेजर से की तो उसे निकाल दिया गया।
इस कारण प्रशांत से आलोक नाराज था और दोनों के बीच बुधवार के पहले भी दो-तीन बार हाथापाई हो चुकी थी। आलोक और उसके दोस्त प्यूमा के शोरूम में पहुंचे और प्रशांत के बारे में पूछा। इसके बाद आलोक ने शोरूम में मौजूद कर्मचारियों से कहा कि प्रशांत को बता देना कि उसे गोली मार देंगे।
प्रशांत को बाहर लाकर मारने की मंशा थी
चारों ने तय किया था कि अगर प्रशांत उनकी बातें मान जाएगा तो ठीक है नहीं तो उसे बातों में उलझा कर मॉल के बाहर लाएंगे और गोली मार कर बाइक से भाग निकलेंगे। इसी वजह से रोहित बार-बार सभी को समझा कर शांत करा रहा था। बताया जाता है कि उसने अपने शोरूम का सीसी कैमरा भी वारदात से पहले बंद कर दिया था।
मनबढ़ आलोक ने दो कुत्तों को भी मार दी थी गोली
पुलिस ने आलोक के बारे में पता लगाना शुरू किया तो सामने आया कि वह मनबढ़ है। विद्यापीठ के छात्रों से मारपीट करना, रुपये छीनना, धमकाना और बेवजह झगड़ा करना उसकी आदत में है। इसी हफ्ते नगर निगम कार्यालय के पीछे के शिवपुरवा क्षेत्र में दो कुत्तों के लगातार भौंकने पर उन्हें आलोक ने गोली मार दी थी।
इसके बाद एक लड़के के कमरे में घुस कर उसकी मार्कशीट छीन ली थी। आलोक को संरक्षण देने वालों में विद्यापीठ छात्रसंघ का एक पूर्व अध्यक्ष, एक पूर्व महामंत्री और प्रयागराज निवासी विद्यापीठ का एक छात्रनेता बताया गया है।
आलोक पर पहले से दर्ज हैं चार मुकदमे
काशी विद्यापीठ के एक छात्र ने बताया कि आलोक ने उसकी तीन बार पिटाई की। हर बार आलोक की शिकायत सिगरा थाने पर की गई और उसे पकड़वाया गया लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और समझाबुझाकर छोड़ दिया।
ऐसे ही कई अन्य छात्रों के साथ भी आलोक ने मारपीट की लेकिन पुलिस का उसके प्रति शिथिल रवैया बरकरार रहा और उसकी मनमानी जारी रही। दुकानों से सामान लेकर बगैर पैसा दिए भाग जाना और अवैध असलहा खोंस कर चलना आलोक की आदत में शुमार है। इतनी मनमानी के बावजूद आलोक को पुलिस संरक्षण का मिलना सभी की समझ से परे है।