फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Make Aiims but not cut with BHU

एम्स का मिले दर्जा मगर बीएचयू से अलग न हो

Fri, 10 Apr 2015 02:12 AM IST
वाराण्ासी, ब्यूरो
वाराण्ासी, ब्यूरो Updated Fri, 10 Apr 2015 02:12 AM IST
विज्ञापन
Make Aiims but not cut with BHU

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष में शिक्षण व शोध के क्षेत्र में उत्कृष्टता के साथ विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र ने चिकित्सा विज्ञान संस्थान के शिक्षकों व चिकित्सकों से सुझाव मांगा।

विज्ञापन

गुरुवार को केएन उडुप्पा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति ने संस्थान के तीनों संकायों के शिक्षकों संग विचार-विमर्श किया। शताब्दी वर्ष के लिए शिक्षकों ने अपने जरूरी सुझाव भी दिए। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि आईएमएस को एम्स का दर्जा मिले लेकिन बीएचयू से अलग न किया जाए।
विज्ञापन

वहीं, अध्यापकों को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि आप यह संकल्प लें कि वर्तमान में हम जो कार्य कर रहे हैं, शताब्दी वर्ष के दौरान उसे और तन्मयता व शक्ति के साथ करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसा करके ही महामना के सपने के अनुरूप कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बीएचयू का चिकित्सा विज्ञान संस्थान अपनी गुणवत्ता, लगन व कार्यशैली के लिए पूरे देश में जाना जाता है। कहा कि बीएचयू के शताब्दी वर्ष में कार्य करने की दिशा में अनेक चुनौतियाँ हैं, जिसे हमें मिलकर दूर करना होगा।
 इस दौरान शिक्षकों ने अपने सुझाव भी दिए। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. गोपालनाथ ने कहा कि आईएमएस को एम्स के समतुल्य सुविधा, संसाधन व धन मिले, लेकिन यह बीएचयू का अंग बना रहे। आयुर्वेद संकाय के प्रो. जीपी दूबे ने आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से औषधि (ड्रग) निर्माण की बात को प्राथमिकता पर पूरी करने को कहा।
 डा. मल्लिका तिवारी ने बताया कि उन्होंने 100 बेड वाले कैंसर सेंटर के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा है। इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर भी प्रयास करना होगा।

 डा. संतोष कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का सर्वांगीण विकास किया जाना चाहिए। प्रो. मधुकर राय ने बताया कि एक निधि बनाकर गरीबों को नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था शताब्दी वर्ष में ही शुरू की जाए। संचालन डा. आशीष अग्रवाल ने और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. एसएस पांडेय ने किया। स्वागत प्रो. आरजी सिंह ने किया। संचालन डा. आशीष अग्रवाल ने और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. एसएस पांडेय ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed