वाराणसी में बचा बड़ा हादसा: गंगा में डूबने से बची पर्यटकों से भरी नाव, सवार थे 20 से अधिक लोग
वाराणसी में गुरुवार को नाव हादसा बच गया। 30 से ज्यादा यात्रियों से भरी नाव में पानी भरने लगा। चीखपुकार के बीच आसपास के नाविकों की सतर्कता से सभी सवारियों को बचा लिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी के ललिता घाट पर गुरुवार दोपहर एक नाव हादसा बच गया। पर्यटकों से भरी नाव डूबने से बच गई। 20 से अधिक पर्यटकों को आसपास के नाविकों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ओवरलोडिंग और बगैर लाइफ जैकेट के पर्यटकों को नाव पर सवारी कराई गई थी।
राजस्थान का एक समूह काशी भ्रमण पर आया है। दोपहर में 20 से अधिक सदस्यों का दल नौका विहार करने को गंगा में निकला। ललिता घाट से नाव पर सवार होकर पर्यटक निकले ही थे कि अचानक नाव में पानी भरने से अफरातफरी मच गई। पर्यटक चीखने-चिल्लाने लगे।
यह देख आसपास घाट पर मौजूद नाविक तत्परता दिखाते हुए तुरंत अपनी नाव लेकर मौके पर पहुंचे और सभी पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया। डीसीपी काशी आरएस गौतम ने बताया कि नाविक की लापरवाही सामने आई है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद नाव सवार सभी लोग सहमे दिखे।
नाव पर नहीं थे जीवन रक्षक उपकरण
गंगा में नाव हादसे को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने नाव पर जीवन रक्षक उपकरण रखने की सख्त हिदायत दी है। हालांकि इसका पालन कहीं नहीं हो रहा है। ललिता घाट पर टले हादसे प्रकरण में नाव पर जीवन रक्षक उपकरण नहीं थे। लाइफ जैकेट, टायर, रस्सी कुछ भी नहीं था और नाविक ने क्षमता से अधिक पर्यटकों को बैठाया था। इसी वजह से नाव में पानी भरने लगा था। अगर नाव बीच गंगा में होती तो बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता था।