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महाकुंभ : काशी में सड़कें व गलियां जाम, विश्वनाथ धाम के दो किमी के दायरे में ज्यादा दिक्कत; भक्तों से पटे घाट

Tue, 28 Jan 2025 03:33 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 28 Jan 2025 03:33 AM IST
सार

पलट प्रवाह को लेकर काशी के अधिकरित क्षेत्र, सड़कें और गलियां जाम रहे। पुलिस व्यवस्था संभाल रही थी। बनारस-चंदाैल के बाॅर्डर पर नाै घंटे तक जाम का आलम दिखा। वहीं, रथयात्रा की ओर से आने वाले सभी वाहनों को लक्सा थाने के पास रोक दिया गया।

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Mahakumbh Roads jammed in Kashi problems within radius of Vishwanath Dham Ghats filled devotees
काशी में महाकुंभ की भीड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज के महाकुंभ से काशी आ रहे श्रद्धालुओं के हुजूम के कारण शहर की यातायात व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई है। सोमवार को हालत यह रहे कि श्री काशी विश्वनाथ धाम के इर्द-गिर्द के दो किलोमीटर के दायरे की सड़कों, गलियों और गंगा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी।

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इसी तरह से नेशनल हाईवे पर प्रयागराज से वाराणसी लेन पर मोहनसराय, अमरा-अखरी और डाफी के अलावा टेंगरा मोड़ से चंदौली के सिंधीताली तक वाहनों की कतार लगी रही।
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महाकुंभ में प्रयागराज में गंगा में पुण्य की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालु काशी और अयोध्या का रुख कर रहे हैं। बीते शनिवार से विश्वनाथ धाम में रोजाना औसतन चार लाख से ज्यादा श्रद्धालु हाजिरी लगा रहे हैं। इसके चलते रूट डायवर्जन और ट्रैफिक एडवाइजरी के साथ ही पर्याप्त पुलिस प्रबंध के बावजूद शहर के अंदरूनी हिस्से की यातायात व्यवस्था चरमरा जा रही है। 
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सोमवार को दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालुओं की कतार विश्वनाथ धाम से एक ओर गोदौलिया होते हुए राजेंद्र प्रसाद घाट तक और दूसरी ओर मैदागिन तक लगी हुई थी। वहीं, गंगा के किनारे राजेंद्र प्रसाद घाट से ही राणा महल घाट, त्रिपुरा भैरवी घाट, मीर घाट से ललिता घाट से गंगा द्वार होते हुए विश्वनाथ धाम तक भी असंख्य श्रद्धालु कतार में लगे हुए थे।

बिलबिलाए लोग
सोमवार की सुबह 10 बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव ऐसे बढ़ा कि गोदौलिया से दशाश्वमेध मार्ग पर पैदल चलने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। कबीरचौरा की ओर से आने वाले सभी वाहनों को मैदागिन चौराहे पर रोका गया था। दुर्गाकुंड, भेलूपुर की ओर से आने वाले सभी वाहनों को देवकीनंदन हवेली के पास रोक दिया गया। रथयात्रा की ओर से आने वाले सभी वाहनों को लक्सा थाने के पास रोक दिया गया।

भीड़ प्रबंधन के लिए कमिश्नरेट के काशी और वरुणा जोन के अफसरों व पुलिस कर्मियों के साथ ही ट्रैफिक पुलिस के साथ पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल गोदौलिया पहुंचे। पुलिस आयुक्त ने गोदौलिया से विश्वनाथ धाम तक और फिर गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पैदल गश्त कर श्रद्धालुओं से संयम से रहने की अपील की।

श्रद्धालुओं के हुजूम के बीच फंसे रहे शव लेकर
मैदागिन से विश्वनाथ धाम तक जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं का हुजूम ऐसे उमड़ा था कि शव लेकर लोग जहां के तहां खड़े रहे। पुलिस के सहयोग से किसी तरह से लोग मणिकर्णिका प्रवेश द्वार तक पहुंचे और फिर शवदाह के लिए घाट की ओर बढ़े।

ललिता घाट पर भीड़ से घिर गए पुलिस आयुक्त
ललिता घाट पर श्रद्धालुओं का हुजूम इस कदर उमड़ा हुआ था कि भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस आयुक्त पहुंचे तो वह खुद ही घिर गए। उनको आगे-पीछे होने का रास्ता ही नहीं मिल रहा था। इस पर उन्होंने अफसरों के साथ मिल कर श्रद्धालुओं को गंगा द्वार से विश्वनाथ धाम में प्रवेश कराना शुरू कराया तो स्थिति सामान्य हुई। हालांकि ललिता घाट पर भीड़ का दबाव रात 10 बजे तक बरकरार रहा।

बीएचयू से अब सीधे रविदास गेट की ओर नहीं जा पाएंगे
बीएचयू गेट से दोपहिया और चारपहिया वाहन सवार अब सीधे रविदास गेट की ओर नहीं जा पाएंगे। इसके लिए सोमवार की सुबह बीएचयू गेट के सामने बैरिकेडिंग कर दी गई। 

लंका थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि बीएचयू गेट से निकल कर जिन चारपहिया वाहन सवार लोगों को रविदास गेट की ओर जाना होगा, वह मालवीय चौराहे से बाएं घूमकर नरिया तिराहा जाएंगे। वहां से घूम कर वापस मालवीय चौराहा आएंगे और रविदास गेट की ओर आएंगे। 

वहीं, दोपहिया वाहन सवार लोग मालवीय चौराहा से बाएं घूम कर बनारस स्वीट हाउस के सामने से बाएं घूम कर रश्मि नगर होते हुए जाएंगे। इसके अलावा मालवीय चौराहे की यातायात व्यवस्था पूर्ववत रहेगी।

बोले अधिकारी
श्रद्धालुओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सावन जैसे अवसरों पर विश्वनाथ मंदिर पहले भी शयन आरती के बाद खुला रहा है। इसका बाकायदा अध्ययन किया गया है। हमारा पूरा प्रयास यह है कि रात में जो श्रद्धालु कतारबद्ध हैं, उन्हें इस ठंड में सुबह तक इंतजार न करना पड़े। - कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त

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