एमए इन हिंदू स्टडीज: संस्कृत विश्वविद्यालय ने राजभवन को भेजा पत्र, वर्तमान सत्र से ही शुरू होना था नया कोर्स
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कुलाधिपति को पत्र लिखकर एमए हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम को संचालित करने के लिए अनुमति देने का अनुरोध किया है। राजभवन से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण नए पाठ्यक्रम की शुरूआत अब तक नहीं हो सकी है।
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वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एमए हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम की शुरूआत नहीं हो सकी है। विद्यापरिषद व कार्यपरिषद की स्वीकृति के बाद राजभवन से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण नए पाठ्यक्रम की शुरूआत अब तक नहीं हुई है।
कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कुलाधिपति को पत्र लिखकर पाठ्यक्रम को संचालित करने के लिए अनुमति देने का अनुरोध किया है। राजभवन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एम ए हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम को अब तक स्वीकृति नहीं मिलने के कारण दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है।
नवंबर 2021 में ही पाठ्यक्रम की मिली अनुमति
कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने रोजगारपरक कई पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसमें एमए (हिंदू स्टडी), स्नातक व स्नातक, स्नातकोत्तर व डिप्लोमा स्तर पर योग पाठ्यक्रम शामिल है।
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11 नवंबर 2021 को विद्यापरिषद ने इन पाठ्यक्रमों की स्वीकृति दे दी है। कार्यपरिषद की स्वीकृति भी मिल चुकी है। दो वर्षीय स्नातकोत्तर स्तर का हिंदू अध्ययन पाठ्यक्रम चार सेमेस्टर में होगा। इसमें हिंदू धर्म के वैशिष्ट्य व परंपरा पर आधारित भारतीय दर्शन, शास्त्र, वेद-पुराण, रामायण, महाभारत, भाषा विज्ञान, सैन्य विज्ञान साहित अन्य पाठ्य सामग्री शामिल की गई है।