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प्रवासी भारतीय दिवसः ठेठ बनारसी अंदाज में मेहमानों की होगी मेजबानी, लग्जरी वाहनों की मिलेगी सुविधा
Sun, 13 Jan 2019 01:24 PM IST
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न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: utpal utpal
Updated Sun, 13 Jan 2019 01:24 PM IST
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प्रवासी भारतीयों को काशी की आतिथ्य परंपरा से रूबरू कराने की मेजबानों की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। मेहमानों की खातिरदारी ठेठ बनारसी अंदाज में होगी। खानपान और रहन-सहन से भी उन्हें रूबरू कराया जाएगा। हालांकि इन सबके बीच मेहमानों की पसंद के भोजन और रहन-सहन का भी पूर खयाल रखा जाएगा।
आईआईए के चेयरमैन आरके चौधरी के सिगरा की चंद्रिका नगर कॉलोनी में स्थित घर में जोरदार तैयारी चल रही है। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान यूएई से आने वाले मेहमान सुरेंद्र सिंह कंधारी और जैजो जोसेफ उनके घर रुकेंगे। मेहमानों की आवाभगत और उन्हें काशी दर्शन कराने को लेकर पूरा परिवार उत्साहित है।
उद्यमी आरके चौधरी ने बताया कि हमारा प्रयास होगा कि विश्व की प्राचीन नगरी काशी के अनोखे रहन-सहन और खानपान से अतिथियों का स्वागत किया जाए और उन्हें भी काशी की संस्कृति का हिस्सा बनाना जाए। योजना तैयार है। जैसा उनका मूड होगा, उसके हिसाब से उन्हें काशी की सैर कराई जाएगी। इनके स्वागत में कमी न रहे, इसकी पूरी कोशिश होगी। यहां के खास स्वादिष्ट व्यंजन भी मेहमानों के लिए तैयार कराए जाएंगे।
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21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए बनारस आ रहे प्रवासी भारतीय मेहमानों को लग्जरी वाहनों की सुविधा दी जाएगी। इसके दिल्ली की एक कंपनी को कांट्रेक्ट दिया गया है।
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आईआईए के चेयरमैन आरके चौधरी के सिगरा की चंद्रिका नगर कॉलोनी में स्थित घर में जोरदार तैयारी चल रही है। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान यूएई से आने वाले मेहमान सुरेंद्र सिंह कंधारी और जैजो जोसेफ उनके घर रुकेंगे। मेहमानों की आवाभगत और उन्हें काशी दर्शन कराने को लेकर पूरा परिवार उत्साहित है।
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उद्यमी आरके चौधरी ने बताया कि हमारा प्रयास होगा कि विश्व की प्राचीन नगरी काशी के अनोखे रहन-सहन और खानपान से अतिथियों का स्वागत किया जाए और उन्हें भी काशी की संस्कृति का हिस्सा बनाना जाए। योजना तैयार है। जैसा उनका मूड होगा, उसके हिसाब से उन्हें काशी की सैर कराई जाएगी। इनके स्वागत में कमी न रहे, इसकी पूरी कोशिश होगी। यहां के खास स्वादिष्ट व्यंजन भी मेहमानों के लिए तैयार कराए जाएंगे।
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21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए बनारस आ रहे प्रवासी भारतीय मेहमानों को लग्जरी वाहनों की सुविधा दी जाएगी। इसके दिल्ली की एक कंपनी को कांट्रेक्ट दिया गया है।
मेहमानों को एयरपोर्ट से होटल, गेस्ट हाउस, टेंट सिटी आदि स्थानों तक पहुंचाने के लिए छोटी-बड़ी 260 वाहन उपलब्ध रहेंगे। इसमें 10 मर्सिडीज ई-क्लास की कार शामिल हैं, यह कार प्रवासी सम्मेलन में शामिल होने आ रहे मारीशस के प्रधानमंत्री समेत अन्य राष्ट्र अध्यक्षों के लिए होगी। सभी गाड़ियां 17 से 19 जनवरी के बीच दिल्ली से बनारस आ जाएंगी।
सम्मेलन में करीब आठ हजार प्रवासी भारतीय आएंगे। एयरपोर्ट से प्रवासियों के लिए कार उन स्थानों पर ज्यादा लगाई जाएंगी जहां बसें नहीं जा सकती है। ऐसे में उन्हें आवागमन में कोई परेशानी नहीं होगी। 24 जनवरी को 25 सौ प्रवासी मेहमानों को 50 लग्जरी बसों से प्रयागराज में कुम्भ की छठा देखने के लिये वाराणसी से रवाना किया जाएगा।
अधिकारियों की माने तो प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन 700 मारीशस के प्रवासी भारतीय नागरिकों ने करवाया है। इन प्रवासी मेहमानों के लिए अलग से 40 बसों का इंतज़ाम किया गया है।
सम्मेलन में करीब आठ हजार प्रवासी भारतीय आएंगे। एयरपोर्ट से प्रवासियों के लिए कार उन स्थानों पर ज्यादा लगाई जाएंगी जहां बसें नहीं जा सकती है। ऐसे में उन्हें आवागमन में कोई परेशानी नहीं होगी। 24 जनवरी को 25 सौ प्रवासी मेहमानों को 50 लग्जरी बसों से प्रयागराज में कुम्भ की छठा देखने के लिये वाराणसी से रवाना किया जाएगा।
अधिकारियों की माने तो प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन 700 मारीशस के प्रवासी भारतीय नागरिकों ने करवाया है। इन प्रवासी मेहमानों के लिए अलग से 40 बसों का इंतज़ाम किया गया है।
...ताकि दिल में बस जाए संस्कृति
वाराणसी के महमूरगंज स्थित दयाल इंक्लेव के रहने वाले डॉ. रवींद्र कुमार ओझा और पत्नी श्रुति ओझा मेहमानों के स्वागत को लेकर खासा उत्साहित हैं। उनके घर यूएसए के डॉ. राजेश जयराम आ रहे हैं। डॉ. ओझा का कहना है कि उनका पूरा प्रयास होगा कि हमारे घर आ रहे अतिथि सम्मेलन के बाद भले ही चले जाएं, लेकिन उनके दिल में हमेशा के लिए काशी बस जाए।
वे काशी की मलइयो, कचौड़ी और सब्जी सहित यहां के प्रसिद्ध भोज्य पदार्थ परोसेंगे। डॉ. ओझा बताते हैं कि मेहमानों के काशी में रहने तक उनके घूमने और खानपान आदि के दौरान हमारा परिवार साथ होगा। गुलाब बाड़ी, काशी की गुरु शिष्य परंपरा की भी जानकारी मेहमानों को दी जाएगी। कोशिश करेंगे कि मेहमान कम समय में ज्यादा से ज्यादा काशी के बारे में जान सकें। ब्यूरो
वे काशी की मलइयो, कचौड़ी और सब्जी सहित यहां के प्रसिद्ध भोज्य पदार्थ परोसेंगे। डॉ. ओझा बताते हैं कि मेहमानों के काशी में रहने तक उनके घूमने और खानपान आदि के दौरान हमारा परिवार साथ होगा। गुलाब बाड़ी, काशी की गुरु शिष्य परंपरा की भी जानकारी मेहमानों को दी जाएगी। कोशिश करेंगे कि मेहमान कम समय में ज्यादा से ज्यादा काशी के बारे में जान सकें। ब्यूरो
यादगार आतिथ्य से दुनिया में होगी काशी की ब्रांडिंग
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की पहल पर 2003 में शुरू प्रवासी भारतीय दिवस के क्रम में 21 से 23 जनवरी तक होने वाले तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन को अनूठा बनाया जा रहा है। इस बार के 17वें आयोजन के लिए आतिथ्य सत्कार, भव्य सजावट और जनभागीदारी के जरिए प्रवासियों के बीच काशी के नए स्वरूप की जबदरस्त ब्रांडिंग की तैयारी है। आयोजन की सफलता से दुनिया भर में बदलते बनारस की तस्वीर जाएगी और यहां पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी के साथ ही निवेश के भी अवसर बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पहले 16 प्रवासी भारतीय दिवस नई दिल्ली या प्रदेश की राजधानियों में हुए हैं। सरकार और वहां के स्थानीय प्रशासन को इसके लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। मगर, काशी में टेंट सिटी से लेकर आयोजन स्थलों को नए सिरे से तैयार किया गया है।
मेहमानों की सुविधाओं के लिए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सम्मेलन के जरिए काशी की दुनिया भर में ब्रांडिंग के लिए भारतीय मूल के लोगों से काशी से जुड़ाव की हर कोशिश की जा रही है। काशीवासियों से प्रधानमंत्री ने यादगार स्वागत की अपील कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पहले 16 प्रवासी भारतीय दिवस नई दिल्ली या प्रदेश की राजधानियों में हुए हैं। सरकार और वहां के स्थानीय प्रशासन को इसके लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। मगर, काशी में टेंट सिटी से लेकर आयोजन स्थलों को नए सिरे से तैयार किया गया है।
मेहमानों की सुविधाओं के लिए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सम्मेलन के जरिए काशी की दुनिया भर में ब्रांडिंग के लिए भारतीय मूल के लोगों से काशी से जुड़ाव की हर कोशिश की जा रही है। काशीवासियों से प्रधानमंत्री ने यादगार स्वागत की अपील कर चुके हैं।