भगवान चंद्र महाप्रभु: संवर रही आठवें तीर्थंकर की जन्मस्थली, सातवें के लिए 50 लाख का बजट जारी; 60% कार्य पूरा
Varanasi News: चंद्रावती गांव में भगवान चंद्रप्रभु की जन्मस्थली है। यहां 17 करोड़ रुपये से सुंदरीकरण कराया जा रहा है। लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। यहां आस्थावानों का जुटान होगा।
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Varanasi News: जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली को सजाने संवारने का कार्य तेजी से चल रहा है। जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्र महाप्रभु की जन्मस्थली पर सुंदरीकरण और घाट निर्माण का कार्य 60 फीसदी से भी अधिक पूरा हो चुका है। नए वर्ष में यह आम जनता को समर्पित हो जाएगा। वहीं, जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ की जन्मस्थली के सुंदरीकरण के लिए भी 50 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।
भगवान चंद्रप्रभु की जन्मस्थली चंद्रावती गांव में तीर्थ पर 200 मीटर पक्के गंगा घाट का निर्माण कराया जा रहा है। 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित हो रहे घाट का 60 फीसदी से अधिक का काम पूर्ण हो चुका है। मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर गाजीपुर रोड पर चंद्रावती गांव में जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु की जन्मस्थली गंगा के किनारे है और यहां पर भगवान चंद्रप्रभु का श्वेतांबर व दिगंबर जैन मंदिर है। हर साल गंगा में आने वाली बाढ़ से तीर्थक्षेत्र की जमीन डूब जाती थी।
जुटेंगे आस्थावान
देश भर में जैन समाज के लिए प्रमुख धार्मिक स्थल चंद्रावती घाट 2026 में श्रद्धालुओं को नए स्वरूप में समर्पित होगा। चंद्रावती दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र के प्रबंधक सुरेंद्र जैन ने बताया कि जैन धर्म को मानने वाले देश-विदेश से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं। घाट के निर्माण के बाद यह तीर्थाटन का बड़ा केंद्र होगा। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए तीन प्लेटफाॅर्म बनाए जा रहे हैं।
सीढ़ियां बनाई गई हैं। भदैनी दिगंबर जैन तीर्थ के सुरेंद्र जैन ने बताया कि सुपार्श्वनाथ की जन्मस्थली के लिए 50 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। इसमें मंदिर का सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार का काम कराया जाएगा। अब तक फाउंडेशन, लांचिंग अप्रेन, स्ट्रांग गेवियल वाॅल, प्रथम प्रोमेनेंड गेवियन स्ट्रक्चर का काम पूर्ण हो चुका है। मढ़ी और चार स्थानों पर सीढ़ियां भी बन चुकी हैं।