करघों में घुसा पानी, रोजी-रोटी पर संकट
कैंटोमेंट से सरायमोहाना के बीच वरुणा के तटीय इलाकों में बाढ़ से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। नक्खीघाट से सरैया तक सैकड़ों बुनकर परिवार रहते हैं। बाढ़ का पानी घरों और करघों में घुस गया है। इससे बुनकर परिवारों की दोहरी मार झेलनी पड़ी है। बुनकरों का कहना है कि अब करघों पर कई दिनों तक काम नहीं हो पाएगा। बाढ़ हटने के बाद उन्हें नए सिरे से दुरुस्त करना होगा।
हाजी ओकास अंसारी ने बताया कि अकेले सरैया इलाके में 100 से ज्यादा बुनकरों के कारखाने बाढ़ में डूब गए हैं। प्रभावित बुनकर परिवार या तो शिविर में या फिर रिश्तेदारों के यहां गुजारा कर रहे हैं। बाढ़ राहत शिविरों में रोजाना शरणार्थियों की तादाद बढ़ रही है। ढेलवरिया, बड़ा मंदिर, मीराघाट और सरैया स्थित शिविर में सैकड़ों बुनकर परिवार शरण लिए हुए हैं।