LS Polls: BLO पर्ची और वोटर कार्ड नहीं है तो 13 पहचान पत्रों का करें प्रयोग, जानें इन डॉक्यूमेंट्स के बारे में
Lok Sabha Election: प्रवासी निर्वाचकों को मतदान केंद्र में केवल मूल पासपोर्ट के आधार पर ही पहचाना जाएगा। एपिक के संबंध में लेखन और वर्तनी की अशुद्धि को नजरअंदाज किया जाएगा। बशर्ते कि निर्वाचक की पहचान एपिक से सुनिश्चित की जा सके।
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मतदान करते समय अक्सर यह समस्या आ जाती है कि मतदाता के पास बीएलओ पर्ची और वोटर कार्ड नहीं है। इस कारण मतदाता अपना वोट नहीं दे पाता। ऐसे में अन्य दस्तावेजों (डॉक्यूमेंट्स) का प्रयोग भी किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में...
पहचान सिद्ध करने के लिए विकल्प के रूप में मतदाता आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक / डाकघर द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के तरह आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र / राज्य सरकार / लोक उपक्रम / पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों / विधायकों / विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।
यदि कोई निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है जो कि किसी अन्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। ऐसे एपिक भी पहचान के लिए स्वीकृत किए जाएंगे। बशर्ते उस निर्वाचक का नाम जहां वह मतदान करने आया है, वहां की निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो।
12 हजार जवान संपन्न कराएंगे एक जून को मतदान
एक जून को लोकसभा चुनाव का मतदान पुलिस, पीएसी और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 12 हजार जवान संपन्न कराएंगे। मतदान संपन्न कराने के लिए लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र को 25 जोन और 188 सेक्टर में बांटा गया है। 1034 मतदान केंद्रों के 2654 बूथों पर मतदान होगा। 158 मतदान केंद्रों के 512 बूथ क्रिटिकल हैं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में पुलिस और प्रशासन के अफसरों के साथ मतदान की तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा के बाद पुलिस आयुक्त ने कहा कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराना हमारी शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है।
मतदान के दिन सार्वजनिक और निजी वाहन के संचालन पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। बूथ के अन्दर शस्त्र और मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति भी बूथ के भीतर अपने गनर को नहीं ले जा सकेंगे। इस दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. के एजिलरसन और अपर पुलिस आयुक्त एस चनप्पा के अलावा पुलिस और प्रशासन के सभी राजपत्रित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
पुलिस आयुक्त की पुलिस कर्मियों को हिदायत
पुलिस आयुक्त ने कहा कि कोई भी पुलिस अधिकारी / कर्मचारी पोलिंग स्टेशन के अंदर नहीं जाएगा। जब तक पीठासीन अधिकारी द्वारा न बुलाया जाए। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 प्रभावी रहेगी। मतदान कर चुके व्यक्तियों को भी केंद्र के अंदर या बाहर एकत्रित न होने दें। ड्यूटी में तैनात समस्त पुलिस कर्मी अपने साथ अपना ड्यूटी कार्ड अवश्य रखेंगे।
चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन व शांति-व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान हर कार्य अत्यधिक सतर्कता, शालीनता, निष्पक्षता और विवेकपूर्ण ढंग से करेंगे। मतदान के दौरान मतदेय स्थल पर मतदाताओं के अलावा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश न करने दें। आमजन के लिए पुलिस आयुक्त ने कहा कि मतदान स्थल पर स्त्री-पुरुष मतदाताओं की अलग-अलग लाइनें रहेंगी।