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Lok Sabha Election: आरएसएस के राममाधव बोले, मतदान करते समय राष्ट्र के व्यापक लक्ष्य को न भूलें
Thu, 23 May 2024 10:42 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 23 May 2024 10:42 PM IST
सार
Varanasi News: उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में मतदान के उचित प्रयोग से एक नए भारत का चित्र दुनिया के सामने आया है। आधारभूत परिवर्तन के अलावा सांस्कृतिक परिवर्तन भी देश की दशा को बदल रहा है।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राममाधव।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राममाधव ने कहा कि मतदान करते समय राष्ट्र के व्यापक लक्ष्य को न भूलें। बृहस्पतिवार को लोक जागरण मंच की ओर से सीएम एंग्लो बंगाली टोला इंटर कालेज भेलूपुर में मतदान: हमारा अधिकार भी, परम कर्तव्य भी विषयक लोकमत परिष्कार संगोष्ठी हुई।
इसमें राममाधव ने कहा कि भारत की संसद में लोकसभा सभापति के आसन के ऊपर धर्मचक्र प्रवर्तानाय लिखा है जिसका अर्थ है, धर्मचक्र चलते रहना चाहिए। ऐसे में धर्म निरपेक्षता की बात अप्रासंगिक हो जाती है।
उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में भी गुटनिरपेक्ष है परन्तु वर्तमान भारत अपने लोकहित को सर्वोपरि मानते हुए दुनिया में सभी से मित्रता रखता है। एनी बेसेंट का कथन देते हुए राम माधव ने कहा कि इस देश का धर्म समाप्त हो गया तो भारत समाप्त हो जाएगा। विशिष्ट अतिथि संत रविदास मन्दिर के महंत भारत भूषण ने कहा कि राष्ट्र ऐसा होना चाहिए जहाँ सभी का पेट भर सके। सभी में समरसता की भावना हो।
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विशिष्ट अतिथि डा. केके त्रिपाठी ने कहा कि लोकतान्त्रिक व्यवस्थाओं का वर्णन वैदिक काल में भी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे राजेश्वर आचार्य ने कहा कि काशी का प्रत्येक व्यक्ति समझावन भी जानता है और बुझावन भी जानता है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वेंकट रमन घनपाठी ने स्वस्तिवाचन किया। मतदाता जागरूकता गीत की प्रस्तुति चन्द्रशेखर ने की। संचालन डॉ. हरेंद्र राय और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक राहुल सिंह ने किया।
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इसमें राममाधव ने कहा कि भारत की संसद में लोकसभा सभापति के आसन के ऊपर धर्मचक्र प्रवर्तानाय लिखा है जिसका अर्थ है, धर्मचक्र चलते रहना चाहिए। ऐसे में धर्म निरपेक्षता की बात अप्रासंगिक हो जाती है।
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उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में भी गुटनिरपेक्ष है परन्तु वर्तमान भारत अपने लोकहित को सर्वोपरि मानते हुए दुनिया में सभी से मित्रता रखता है। एनी बेसेंट का कथन देते हुए राम माधव ने कहा कि इस देश का धर्म समाप्त हो गया तो भारत समाप्त हो जाएगा। विशिष्ट अतिथि संत रविदास मन्दिर के महंत भारत भूषण ने कहा कि राष्ट्र ऐसा होना चाहिए जहाँ सभी का पेट भर सके। सभी में समरसता की भावना हो।
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विशिष्ट अतिथि डा. केके त्रिपाठी ने कहा कि लोकतान्त्रिक व्यवस्थाओं का वर्णन वैदिक काल में भी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे राजेश्वर आचार्य ने कहा कि काशी का प्रत्येक व्यक्ति समझावन भी जानता है और बुझावन भी जानता है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वेंकट रमन घनपाठी ने स्वस्तिवाचन किया। मतदाता जागरूकता गीत की प्रस्तुति चन्द्रशेखर ने की। संचालन डॉ. हरेंद्र राय और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक राहुल सिंह ने किया।