ओम प्रकाश राजभर से 'राजभर समाज' नाराज, सुभासपा अध्यक्ष के खिलाफ मैदान में उतारे 17 प्रत्याशी
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा साथ छोड़कर अपने 39 प्रत्याशी मैदान में उतार दिए है। वहीं, दूसरी तरफ ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ 17 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा जा चुका है।
लोकसभा चुनाव में अखिल भारतीय राजभर संगठन ने सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुहेलदेव जनता पार्टी और फूलन सेना को संयुक्त रूप से प्रत्याशी खड़ा करने का एलान किया।
गुरुवार को संगठन ने 17 सीटों से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर सूची जारी की। ये वो सीटें हैं, जहां से ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पार्टी सुभासपा से प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। नारा दिया 'योगी मोदी से बैर नहीं, ओमप्रकाश की खैर नहीं।'
'भाजपा के साथ फिर जुड़े तो वापस कर लेेंगे प्रत्याशी'
अखिल भारतीय राजभर संगठन के राष्ट्रीय महासचिव रामकृष्ण भारद्वाज ने गुरुवार को सूची जारी करने के दौरान प्रेसवार्ता की। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि इस चुनाव में प्रत्याशियों को मैदान में उतारने का उद्देश्य राजनैतिक दलों के साथ जनता में व्याप्त भ्रम को दूर करना है, ताकि लोगों यह पता चल जाए कि राजभर समाज ओमप्रकाश की जागीर नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि घोसी लोक सभा से निवर्तमान सांसद हरिनारायण राजभर इस संगठन के संरक्षक है। यदि भाजपा उन्हें प्रत्याशी घोषित करती है, तो संगठन अपने प्रत्याशी को वापस कर लेगा।
संगठन ने मैदान में उतारे ये 17 प्रत्याशी
चंदौली से उमेश राजभर को, तो आजमगढ़ से हरीश राजभर, घोसी से रामदरश राजभर, सलेमपुर से राजाराम राजभर, देवरिया से अशोक राजभर, संतकबीर नगर से शैलेश कुमार राजभर, गोरखपुर से विनोद राजभर, बलिया से गंगा सागर निषाद, कुशीनगर से जयनाथ राजभर, भदोही से रामदीन निषाद को, मछली शहर से राकेश चौधरी, आंबेडकर नगर से जगदीश राजभर को, श्रावस्ती से मलेहू राजभर, बस्ती से अंबिका राजभर को, सिद्धार्थ नगर से ओरी राजभर को गोंडा से राजकुमार राजभर, जौनपुर से डा. संजीवन बिंद को प्रत्याशी बनाया गया है।