पीएम मोदी के रोड शो ने चुनाव के पहले ही खींच दी बड़ी लकीर, जनता के हुजूम ने दिए ये संकेत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को पांच साल बाद एक बार फिर उम्मीदवार के रूप में काशीवासियों के बीच थे। 40-42 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बावजूद संसदीय क्षेत्र के लाखों लोगों ने प्रधानमंत्री का सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों और दशाश्वमेध घाट तक करीब पांच किलोमीटर के रास्ते में इतना स्वागत किया कि काशी केसरिया हो गई।
पीएम के रोड शो के रूट को भव्य लघु भारत का स्वरूप देकर भाजपा ने विपक्ष के सामने बड़ी लकीर खींच दी है। इसी दौरान कांग्रेस की ओर से ‘तुरुप का पत्ता’ प्रियंका गांधी को प्रत्याशी घोषित न किए जाने के बाद भाजपा नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं का हौसला भी बुलंद हो गया है।
प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र का 20वां दौरा है। बीएचयू के सिंह द्वार से शुरू रोड शो की शुरुआत पीएम ने जनसमूह के अभिवादन के साथ की। ‘अपनी काशी’ में प्रधानमंत्री को नजदीक से निहारने के लिए घंटों इंतजार के बाद हर ओर उल्लास और कार्यकर्ताओं-समर्थकों के उत्साह ने बता दिया कि पांच साल तक मोदी ने जिस जिम्मेदारी, भावनात्मक लगाव और तत्परता से काशी का कायाकल्प करने की कोशिश की है, वे उसे भूले नहीं हैं।
काशी के विद्वतजनों, युवाओं, कारोबारियों और पर्दानशीं महिलाओं ने रोड शो का हिस्सा बनने के साथ ही पुष्पवर्षा कर संकेत दे दिया कि उन्हें अगले पांच साल में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी को अलौकिक और अद्भुत स्वरूप देने के भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के वादे पर भी भरोसा है।
पीएम मोदी का ये था दूसरा रोड शो
यही नहीं, वाराणसी से मोदी की उम्मीदवारी से भाजपा-अपना दल गठबंधन को पूर्वांचल में 25 सीटें मिली थीं। दूसरी ओर 10 मई, 2014 को उस समय के पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपने प्रत्याशी अजय राय के समर्थन में रोड शो किया था। हालांकि राय को 75614 वोट ही मिले थे।
विधानसभा चुनाव में भी पीएम ने किया था काल भैरव का दर्शन
2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान पांच मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव में दर्शन-पूजन के लिए निकले थे, उस समय भी सड़कों पर हुजूम उमड़ पड़ा था। ठीक उसी समय सपा-कांग्रेस गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राहुल गांधी रोड शो निकाल रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की जनसभा भी थी।
जिले की सभी आठ सीटों पर भाजपा की जीत से दूसरी पार्टियों के प्रति जनभावनाओं और जनसमर्थन का पता चल गया था। भाजपा ने काशी क्षेत्र की 71 में से 55 सीटें जीती थीं। हालांकि विधानसभा चुनाव की पूर्व तैयारी करते हुए दो अगस्त, 2016 को कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी ने भी शहर में सात किलोमीटर लंबा रोड शो किया था लेकिन वाराणसी ही नहीं आसपास के जिलों में भी कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल पाया।