संकट में अन्नदाता: गंगा पार होने वाली फसलें हो रहीं खराब, खरीदने वाला कोई नहीं
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गाजीपुर में किसानों को राहत देने के लिए सरकार पहल जरूर कर रही है, लेकिन उनकी तकलीफें दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। इसका सच जानना है, तो गंगा पार दियारे में खेती करने वाले किसानों के वर्तमान हालात को देखें।
इनके द्वारा गंगा पार व तटवर्ती इलाकों में की गई ककड़ी, खीरे और सब्जी की खेती दम तोड़ रही है। आलम यह है कि गाय, भैंस व बकरियां खीरा, ककड़ी और टमाटर खा रही हैं। बाकी खेत में सूख रहा है।
ऐसा इसलिए है कि जिला प्रशासन ने कई इलाकों में सब्जी मार्केट को पूरी तरह से बंद कर दिया है। किसान पहले तो लॉकडाउन के चलते आस-पास के क्षेत्रों में सब्जियां बेचने नहीं जा पा रहे थे, शहर में चार हॉटस्पॉट क्षेत्र बनाए गए हैं। यहां भी सब्जी, ककड़ी व खीरा भेज नहीं पा रहे हैं और गांव में कोई खरीदार नहीं है।
कोरोना वायरस की महामारी के कारण लॉकडाउन ने गाजीपुर के किसानों की कमर तोड़ दी है। शहर से सटे नवापुरा, स्ट्रीमर घाट, सिकंदरपुर, पत्थरघाट के साथ ही करंडा, जमानिया का दियारा और मोहम्मदाबाद तहसील का दियारा क्षेत्र आदि में हजारों एकड़ खीरा, ककड़ी, खरबूजे और सब्जी की खेती होती है। इससे हजारों किसानों का परिवार जुड़ा है।
बावजूद इन खेतों से मंडी तक खीरा, ककड़ी एवं सब्जी नहीं पहुंचने के कारण किसानों को लाखों का नुकसान हो रहा है। किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। परिवार के लिए दो वक्त का भोजन जुटाना मुश्किल हो गया है। किसान अपनी सब्जी व ककड़ी जानवरों को खिला रहे हैं या फिर उसे खुद उखाड़ कर फेंक रहे हैं।