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Varanasi News: तकनीक से बची जान, मिसाइल हमले से पहले ही आ जाता था अलर्ट
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इस्रराइल से लौटे बीएचयू के शोधार्थी ने कहा, बिल्डिंग छोड़कर बंकर में चले जाते थे
चार महीने पहले प्राचीन डीएनए पर शोध करने गए थे तेल अवीव
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। मोबाइल पर मिसाइल हमले का अलर्ट आया, तुरंत बिल्डिंग छोड़कर नीचे बंकर में भागे। तभी एक बैलिस्टिक मिसाइल करीब 500 मीटर दूरी पर गिरी। हमारा बंकर भी हिलने लगा। किसी बड़े भूकंप जैसा लगा। बिल्डिंग से बंकर और बंकर से बिल्डिंग भागने का सिलसिला महीने भर जारी रहा, लेकिन, इस्रराइल की सैन्य ताकत और तकनीकी दक्षता ने जान बचाई। चार महीने वहां रहकर डीएनए पर शोध किया और अब दो महीने तक भारत से ही काम करना होगा। ये अनुभव इस्रराइल से लौटे बीएचयू में जंतु विज्ञान विभाग के शोधार्थी प्रज्जवल प्रताप सिंह ने साझा की। वह मूलरूप से जौनपुर के केराकत के रहने वाले हैं।
प्रज्जवल ने कहा कि बीएचयू से इस्रराइल के सबसे बड़े शहर तेल अवीव गये थे। शोध का काम पीक पर था, तभी आसपास के देशों के साथ तनाव बढ़ गया। एक महीने पहले से हालात खराब होने लगे थे। जिस बिल्डिंग में काम करते थे, वहां कभी-कभी धमाके की आवाज आती थी। बीते दो सप्ताह से डर कुछ ज्यादा ही बढ़ गया। मिसाइल गिरने की सूचना मिलते ही बिल्डिंंग छोड़कर बंकर में छिप जाते थे।
मोबाइल एप और आयरन डोम ने किया सेफ
इस्रराइल की तकनीक लोगों की जान बचाने में काम आई। मोबाइल में ऐसा एप इंस्टॉल करवाया गया, जो कि बम फटने से पहले ही अलार्म बजाकर अलर्ट कर देता था। जैसे ही अलार्म बजे, पूरी बिल्डिंग से लोग निकलकर बंकर में भाग जाते थे। स्थिति सामान्य होने पर लौट आते थे। दूसरी बात कि उनका आयरन डोम, जिसने दुश्मनों की 150 मिसाइलों को ट्रैक कर हवा में ही मार गिराया। हमारी बिल्डिंग पर आंच भी नहीं आने दी।
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चार महीने पहले प्राचीन डीएनए पर शोध करने गए थे तेल अवीव
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। मोबाइल पर मिसाइल हमले का अलर्ट आया, तुरंत बिल्डिंग छोड़कर नीचे बंकर में भागे। तभी एक बैलिस्टिक मिसाइल करीब 500 मीटर दूरी पर गिरी। हमारा बंकर भी हिलने लगा। किसी बड़े भूकंप जैसा लगा। बिल्डिंग से बंकर और बंकर से बिल्डिंग भागने का सिलसिला महीने भर जारी रहा, लेकिन, इस्रराइल की सैन्य ताकत और तकनीकी दक्षता ने जान बचाई। चार महीने वहां रहकर डीएनए पर शोध किया और अब दो महीने तक भारत से ही काम करना होगा। ये अनुभव इस्रराइल से लौटे बीएचयू में जंतु विज्ञान विभाग के शोधार्थी प्रज्जवल प्रताप सिंह ने साझा की। वह मूलरूप से जौनपुर के केराकत के रहने वाले हैं।
प्रज्जवल ने कहा कि बीएचयू से इस्रराइल के सबसे बड़े शहर तेल अवीव गये थे। शोध का काम पीक पर था, तभी आसपास के देशों के साथ तनाव बढ़ गया। एक महीने पहले से हालात खराब होने लगे थे। जिस बिल्डिंग में काम करते थे, वहां कभी-कभी धमाके की आवाज आती थी। बीते दो सप्ताह से डर कुछ ज्यादा ही बढ़ गया। मिसाइल गिरने की सूचना मिलते ही बिल्डिंंग छोड़कर बंकर में छिप जाते थे।
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मोबाइल एप और आयरन डोम ने किया सेफ
इस्रराइल की तकनीक लोगों की जान बचाने में काम आई। मोबाइल में ऐसा एप इंस्टॉल करवाया गया, जो कि बम फटने से पहले ही अलार्म बजाकर अलर्ट कर देता था। जैसे ही अलार्म बजे, पूरी बिल्डिंग से लोग निकलकर बंकर में भाग जाते थे। स्थिति सामान्य होने पर लौट आते थे। दूसरी बात कि उनका आयरन डोम, जिसने दुश्मनों की 150 मिसाइलों को ट्रैक कर हवा में ही मार गिराया। हमारी बिल्डिंग पर आंच भी नहीं आने दी।
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