फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Light the lamps of Yama and Dev till 48 minutes after sunset

Varanasi News: सूर्यास्त से 48 मिनट बाद तक जलाएं यम और देव के दीप

Wed, 30 Oct 2024 02:11 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2024 02:11 AM IST
विज्ञापन
Light the lamps of Yama and Dev till 48 minutes after sunset
- नरक चतुर्दशी के साथ ही आज मनेगा हनुमान जन्मोत्सव
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। पंच दिवसीय दीपोत्सव की शृंखला में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी यानी बुधवार को नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी। शाम को घर के बाहर चार बातियों वाला दीपक यमराज के निमित्त जलाए जाएंगे। वहीं, शाम को मेष लग्न में हनुमान जयंती भी मनाई जाएगी। प्रदोष (सूर्यास्त से 48 मिनट आगे तक) यानी शाम 5:33 बजे से 48 मिनट आगे तक के तिल के तेल से भरे हुए दीपों को यम के अतिरिक्त मंदिर, मठ, बाग-बगीचे, बावली, गली में भी जलाना चाहिए।
नरक चतुर्दशी तिथि बुधवार को दिन में 1:04 बजे लगेगी और 31 अक्तूबर को दिन में 3:12 बजे तक रहेगी। इस बार हनुमान जी का जन्म मेष लग्न में शाम 4:50 बजे से 6:27 बजे तक रहेगा। जिन लोगों पर शनि की साढ़े साती, अढ़ैया, महादशा, अंतरदशा, प्रत्यंतरदशा, गोचर में शनि का प्रभाव कष्टप्रद हो उन लोगों को इस तिथि पर व्रत रहना चाहिए। हनुमान जी का विधिवत पूजन कर हनुमान जन्मोत्सव मनाने से शनि देव की अनिष्टता में कमी आती है। जिनका शनि अच्छा है, उन लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य ऋषि द्विवेदी ने बताया कि नरक चतुर्दशी के दिन यमराज के नाम से दीपक जलाने पर नरक की यात्रा भोगनी नहीं पड़ती। यम के निमित्त तीन दिन दीपदान होता है। प्रथम दिन धनतेरस को अकाल मृत्यु से निवारण के लिए दीपक जलाया जाता है। दूसरा नरक चतुर्दशी को नरक की यात्रा से मुक्ति के लिए जलाया जाता है। तीसरा बहन को भी यम की यातना न भोगना पड़े, इसलिए यम द्वितीया को भी दीपक जलाया जाता है। इसीलिए इन तीनों दिन यम के निमित्त दीप जलाने से जीवन सुखमय व्यतीत होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
साल में दो बार मनाई जाती है हनुमान जयंती
पं. ऋषि द्विवेदी ने बताया कि हनुमान जी का जन्मोत्सव वर्ष में दो बार मनाया जाता है। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा व कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हनुमान जन्मोत्सव मनाने का प्रमुख कारण लंका विजय के बाद जब भगवान श्रीराम अयोध्या आए, भगवान राम और मां सीता ने वानरादि को विदा करते समय सेना को पारितोषिक दिया था। उस वक्त सीता जी ने हनुमान जी को असंतुष्ट देखा। तब उन्होंने अपने ललाट पर लगे द्रव्य सिंदूर प्रदान कर हनुमान से कहा कि इससे मूल्यवान वस्तु मेरे पास नहीं है। अत: तुम इसे हर्ष के साथ ग्रहण करो, जिससे तुम अजर-अमर रहोगे। यही कारण है कि कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हनुमत जन्मोत्सव मनाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed