वाराणसी: न्यायिक कार्य ठप कर अधिवक्ताओं ने डीएम पोर्टिको में किया प्रदर्शन, बोले- अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं
यूपी बार काउंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को बनारस और सेंट्रल बार के अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। अधिवक्ताओं आरोप रहा कि अपर मुख्य सचिव ने अधिवक्ताओं पर गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी की है।
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यूपी बार काउंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को बनारस और सेंट्रल बार के अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। अधिवक्ताओं आरोप रहा कि अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने अधिवक्ताओं पर गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी की है। जारी पत्र के विरोध में अधिवक्ताओं ने डीएम पोर्टिको में प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की और एसीएम चतुर्थ अंकिता दीक्षित को ज्ञापन सौंपा।
कचहरी परिसर में सुबह के समय चक्रमण करते हुए अधिवक्ता डीएम पोर्टिको में इकट्ठा हुए और विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने कहा कि वकील ऑफिसर ऑफ द कोर्ट होते हैं, उनके साथ अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं। वकील न्याय प्रणाली के अभिन्न व अविभाज्य अंग है। इन्हें संवैधानिक दर्जा मिला है। इस मुद्दे पर 22 मई को बृहद चर्चा होनी है। वकील शासन के पत्रों से आहत है। यदि इस पर विचार नहीं होगा तब चरणबद्ध आंदोलन होंगे।
अपर मुख्य सचिव ने 15 मई को जारी पत्र में कहा है कि कचहरी में वकीलों के चैंबर में अक्सर मारपीट होती है, इसे रोका जाए और गवाही देने आने वाले गवाह व विवेचकों से दुर्व्यवहार होता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके पहले विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल ने अधिवक्ताओं को अराजक कहते हुए पत्र जारी किया था। इसको लेकर बुधवार को हड़ताल भी किया था।
धरना प्रदर्शन में यूपी बार काउंसिल के सदस्य द्वय अरुण त्रिपाठी व हरिशंकर सिंह, सेंट्रल बार अध्यक्ष मोहन यादव, महामंत्री अश्वनी राय, बनारस बार अध्यक्ष धीरेंद्र नाथ शर्मा, रत्नेश्वर पांडेय, अशोक राय, अनूप सिन्हा, मिथिलेश श्रीवास्तव, विद्यापति मिश्र, संजय दाढ़ी, संजय पांडेय, विवेक सिंह, चंद्रशेखर यादव, पूर्णेन्दु शुक्ल, प्रभु नरायन पांडेय, रमेश चक्रधर, अंजनी श्रीवास्तव, विकास श्रीवास्तव, वरुण पांडेय आदि शामिल रहे।