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लताजी का निधन भारतीय संगीत के युग का अंत
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वाराणसी। भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर शहर भर में शोक और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय से लेकर शहर की संस्थाओं की ओर से लता दीदी को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। गंगा घाट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी विद्यापीठ में शोक सभा का आयोजन किया गया।
सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी की अध्यक्षता में पाणिनी भवन सभागार में शोकसभा हुई। कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि लता मंगेशकर के निधन से भारतीय संगीत के एक युग का अंत हो गया। शोक सभा में दो मिनट मौन रखकर मृत आत्मा की शांति के लिए कामना की गई। कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश ने शोक प्रस्ताव का वाचन किया। इस दौरान प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. हीरक कान्ति चक्रवर्ती, प्रो. शैलेश मिश्र, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. प्रेम नारायण मौजूद रहे। काशी विद्यापीठ में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में शोक सभा का आयोजन किया गया।
शहनाई वादन से दी श्रद्धांजलि
शहनाई वादक महेंद्र प्रसन्ना ने शहनाई की धुन से लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वैष्णव भजन... एवं मोहे आन मिलो वृंदावन से... भजन प्रस्तुत किया। इसके बाद लता जी का गाया हुआ गीत ऐ मेरे वतन के लोगों जरा याद करो कुर्बानी... से उनको श्रद्धांजलि दी। संगत कलाकार गुंजू, केदारनाथ मिश्र, गुलाबचंद, प्रभात प्रसन्ना रहे।
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सफाईकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि
स्वर कोकिला भारत रत्न स्व. लता मंगेशकर के निधन पर सोमवार को वेस्ट सल्यूशन के कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देने के बाद दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
मुस्लिम समुदाय ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
नई सुबह एक उम्मीद सामाजिक संस्था की ओर से बजरडीहां वार्ड की नई बस्ती में मुस्लिम समुदाय द्वारा स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी को उनकी अंतिम विदाई पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान ममता विजय कुमार, रहमत अली, अजरा बीवी, अनीश खान, विष्णु, आरजू अली, मो. करीम आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी की अध्यक्षता में पाणिनी भवन सभागार में शोकसभा हुई। कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि लता मंगेशकर के निधन से भारतीय संगीत के एक युग का अंत हो गया। शोक सभा में दो मिनट मौन रखकर मृत आत्मा की शांति के लिए कामना की गई। कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश ने शोक प्रस्ताव का वाचन किया। इस दौरान प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. हीरक कान्ति चक्रवर्ती, प्रो. शैलेश मिश्र, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. प्रेम नारायण मौजूद रहे। काशी विद्यापीठ में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में शोक सभा का आयोजन किया गया।
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शहनाई वादन से दी श्रद्धांजलि
शहनाई वादक महेंद्र प्रसन्ना ने शहनाई की धुन से लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वैष्णव भजन... एवं मोहे आन मिलो वृंदावन से... भजन प्रस्तुत किया। इसके बाद लता जी का गाया हुआ गीत ऐ मेरे वतन के लोगों जरा याद करो कुर्बानी... से उनको श्रद्धांजलि दी। संगत कलाकार गुंजू, केदारनाथ मिश्र, गुलाबचंद, प्रभात प्रसन्ना रहे।
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सफाईकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि
स्वर कोकिला भारत रत्न स्व. लता मंगेशकर के निधन पर सोमवार को वेस्ट सल्यूशन के कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देने के बाद दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
मुस्लिम समुदाय ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
नई सुबह एक उम्मीद सामाजिक संस्था की ओर से बजरडीहां वार्ड की नई बस्ती में मुस्लिम समुदाय द्वारा स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी को उनकी अंतिम विदाई पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान ममता विजय कुमार, रहमत अली, अजरा बीवी, अनीश खान, विष्णु, आरजू अली, मो. करीम आदि मौजूद रहे।