दारोगा दुर्ग विजय सिंह हुए पंचतत्व में विलीन, एसपी सहित पुलिसकर्मियों ने दी सलामी
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पुलिस अभिरक्षा से कुख्यात अपराधी रोहित की फरार होने के दौरान गोली लगने से घायल मिर्जापुर में तैनात दारोगा दुर्गविजय सिंह को बीते दिनों गोली लगी थी। दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शहीद दारोगा का शव गृह जनपद मऊ पहुंचने के बाद दूसरे दिन गाजीपुर श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
श्मशान घाट पहुंचे एसपी डा अरविंद चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारियों ने शहीद को नमन किया। पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
जिले में तैनात दारोगा दुर्ग विजय सिंह को मिर्जापुर जेल में बंद दुर्दांत अपराधी रोहित उर्फ सांडू को उसके साथी पेशी के दौरान पुलिस टीम पर हमला कर छुड़ा ले गए थे। बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान दारोगा दुर्गविजय सिंह को गोली लगी थी और दिल्ली के एम्स में उनका इलाज चल रहा था, जहां मंगलवार को उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
मौत के बाद शहीद दरोगा का शव मऊ जनपद के दतौली गांव लाया गया। सदर कोतवाली क्षेत्र के वंशीबाजार में भी दुर्ग विजय सिंह मकान बनाकर रहते थे। दारोगा की मौत की खबर जैसे ही परिवार वालों को मिली घर मे कोहराम मच गया। बुधवार को गाजीपुर श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मिर्जापुर जेल में निरुद्ध रोहित उर्फ सांडू को पेशी पर लेकर दो जुलाई को दरोगा दुर्गविजय सिंह और चार सिपाही मुज्जफरनगर गए थे। बदमाश मंसूरपुर के जोहरा गांव जिला मुज्जफरनगर निवासी रोहित उर्फ सांडू थाने के जानलेवा हमले के केस में दो जुलाई को एडीजे-11 न्यायालय में पेशी थी। पेशी के बाद पुलिस अभिरक्षा में उसे वापस मिर्जापुर जेल ले जाया जा रहा था।
जानसठ के पास सालारपुर गांव स्थित एक ढाबे पर कार सवार पांच बदमाशों ने फायरिंग करते हुए सांडू को छुड़ा लिया था और उसे साथ लेकर फरार हो गए थे। मृत दारोगा का शव मऊ पहुंचने के बाद जंगीपुर के रास्ते गाजीपुर लाया गया।
गाजीपुर में श्मशान घाट पर पुलिस अधीक्षक डा. अरिंवद चतुर्वेदी, एसपी सिटी प्रदीप दुबे, सीओ डा. तेजवीर सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ाया। इसके अलावा भाजपा के पूर्व चेयरमैन विनोद अग्रवाल, महामंत्री रामनरेश कुशवाहा, ओमप्रकाश राम, प्रवीण सिंह, लालजी गोंड, रासबिहारी राय तथा शशिकांत शर्मा आदि लोगों ने शहीद को नमन किया।