आजमगढ़ में अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी
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आजमगढ़ में अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में हुई नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला हुआ है। बेसिक शिक्षाधिकारी के स्तर से हुए इस अनियमितता की कमिश्नर की ओर से कराई गई जांच में पुष्टि हुई है। इसके बाद कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय को निलंबित करने और नियुक्तियों को निरस्त कर विजिलेंस से जांच कराने की शासन से संस्तुति कर दी है।
बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय की ओर से एडेड जूनियर हाईस्कूलों में नियुक्ति के नाम पर बड़ा खेल करने की शिकायत कमिश्नर के साथ ही जिलाधिकारी से भी हुई थी। मंडलायुक्त ने नियुिक्तओं में हुए खेल की जांच के लिए चार सदस्यी कमेटी गठित की थी। कमेटी में अपर आयुक्त प्रशासन एके मिश्रा, जेडी एपी वर्मा, एडी बेसिक राजेश कुमार आर्य व सहायक लेखाधिकारी संयुक्त विकास भवन अनिल कुमार शामिल रहे। इस जांच कमेटी की जांच में 20 प्रधानाध्यापकों, कला वर्ग और भाषा विषय के 45 अध्यापक और विज्ञान विषय के 20 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में खेल की पुष्टि हुई है।
मंडलायुक्त ने बेसिक शिक्षाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय को निलंबित करने की संस्तुति शासन से कर दी है। इसके साथ ही नियुक्तियों को निरस्त कर विजिलेंस से जांच कराने की भी संस्तुति की गई है। मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बताया कि एडेड जूनियर हाईस्कूलों में हुई नियुक्ति में खेल की शिकायत लगातार मिल रही थी। इस पर जांच कमेटी का गठन कर जांच कराई गई। बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संतुति कर दी गई है।
नियुक्ति में योग्यता का नहीं दिया गया ध्यान
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बताया कि जांच कमेटी की आख्या में बताया गया कि बीएसए द्वारा नियुक्ति हेतु पूर्वानुमति देते समय संस्था में कार्यरत अध्यापकों की शैक्षिक एवं प्रशिक्षण अर्हता से संबंधित अंक पत्र व प्रमाण पत्र, नियुक्ति/अनुमोदन से संबंधित पत्र आदि का परीक्षण नहीं किया गया है।
जिले के दुर्बासा, बनगाॅंव, हाजीपुर बम्हौर, तहबरपुर, बनाखुर्द, गंगटिया, रानीपुर रजमो, अहियायी, मेहमौनी, सुदईपुर, गजेंद्रपट्टी, बेलकुंडा, चेवता, आज़मपुर, शेखमौली, खाझेपुर, खानपुर, पकड़ी व चंडेश्वर स्थित कुल 20 एडेड जूनियर हाई स्कूलों में 20 प्रधानाध्यापकों के चयन का अनुमोदन बीएसए ने किया है। बीएसए ने इन सभी पदों को अनारक्षित वर्ग में भरे जाने की अनुमति संस्था प्रबन्धकों को दी गयी है। त्रुटिपूर्ण विज्ञापन होने के कारण अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन नहीं दिया जा सका।
रिक्तियों के विज्ञापन में भी किया गया खेल
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि बीएसए ने खोर्रमपुर, रग्घूपुर, जमसर लुचुई, मुबारकपुर, दुर्बासा, चेंवता, करमैनी, रानीपुर रजमा, अहियायी मेंहनगर, चक्रपानपुर, पल्हनी, सुल्तानपुर, मिल्कीपुर, चंदनी, आजमपुर, जालंधरी, अवंती पहलवानपुर, हूसेपुर, खाझेपुर, ककरही दुलार, तपसीनगर, खानपुर भगतपट्टी, जयराजपुर, मादेपुर, मऊकुतुबपुर, बिंद्राबाजार, गौरा तहबरपुर, पूनापार, पकड़ी, कूबाखास, खेजुरी, मंगितपुर, अमुआरी नरायन आदि स्थलों पर स्थित कुल 34 अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कला वर्ग व भाषा अध्यापक के पद पर नियुक्ति हेतु पूर्वानुमति दी, किंतु नियुक्ति अनुमति पत्र में कला वर्ग में विषय का उल्लेख नहीं किया गया। जबकि कला वर्ग में गणित व विज्ञान को छोड़कर सभी विषय हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी, उर्दू, कला, सामाजिक विज्ञान, बेसिक क्राफ्ट आदि आते हैं। प्रबंधक द्वारा त्रुटिपूर्ण विज्ञापन कराया गया तथा मनमाने ढंग से आवश्यकता न होते हुए भी कला वर्ग व भाषा विषय में नियुक्ति की गई और बीएसए ने उसका अनुमोदन भी कर दिया।
एडेड विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में जम कर खेल किया गया है। विज्ञापन के उपरांत कुल प्राप्त आवेदन पत्रों का विवरण भी प्रबंधक नहीं उपलब्ध करा सके। केवल चयनित अभ्यर्थियों के अंकपत्र व प्रमाण पत्र ही उपलब्ध मिले। जांच आख्या में बीएसए पूरी तरह से दोषी सिद्ध हो रहे है। जिसके चलते उनके निलंबन व अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ ही नियुक्तियों को निरस्त कर सतर्कता जांच कराने की संस्तुति शासन से की गई है।
कनक त्रिपाठी, मंडलायुक्त, आजमगढ़ मंडल