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ये है गजब का भू-माफिया, कैबिनेट मंत्री के फर्जी लेटर पैड से कब्जा कर ली जमीन
amarujala.com- Written by: अजीत कुमार सिंह
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:17 PM IST
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कैबिनेट मंत्री का फर्जी लेटर पैड
- फोटो : अमर उजाला
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भू-माफिया कैबिनेट मंत्री के फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर से करोड़ों की जमीन कब्जा कर रहे हैं और पुलिस, प्रशासन इसमें उनकी मदद कर रहा है। वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। भू माफिया ने कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल का फर्जी पत्र डीएम को भेजवाया।
पत्र में डीएम को निर्देश दिया गया कि कुछ लोग आवेदक की जमीन कब्जा करना चाहते हैं। इसलिए कब्जा हटवाया जाए। पुलिस ने पौने तीन लाख रुपये सरकारी शुल्क जमा कराकर करीब दो बीघे जमीन पर भू माफिया को कब्जा दिला दिया।
मंत्री के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने ऐसे किसी पत्र भेजे जाने से इंकार किया। वहीं डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। भेलूपुर के खोजवां, सरायनंदन निवासी द्वारिका नाथ ओझा ने अपनी पत्नी विनीत ओझा के नाम से 14 सितंबर 2012 को बड़ी गैबी में 360 वर्गफीट जमीन खरीदी थी।
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खतौनी में नाम भी दर्ज हो गया था। वह जब अपनी जमीन पर बाउंड्री कराने गया तो चार लोगों ने उसे काम कराने से रोक दिया। जानकारी करने पर पता चला कि काम रोकने वाले चार लोगों ने पास में ही 14253 वर्गफीट जमीन बैनामा कराई है।
इस जमीन के अलावा वो लोग करीब एक बीघा बंजर भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं। द्वारिका के कार्नर प्लाट पर भी उनकी नजर थी।
इस पर द्वारिका ने अफसरों से शिकायत की लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। फिर उन्होंने स्थगन आदेश ले लिया। इसी बीच पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल का फर्जी लेटर लेकर आरोपी डीएम के यहां पहुंच गए।
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पत्र में डीएम को निर्देश दिया गया कि कुछ लोग आवेदक की जमीन कब्जा करना चाहते हैं। इसलिए कब्जा हटवाया जाए। पुलिस ने पौने तीन लाख रुपये सरकारी शुल्क जमा कराकर करीब दो बीघे जमीन पर भू माफिया को कब्जा दिला दिया।
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मंत्री के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने ऐसे किसी पत्र भेजे जाने से इंकार किया। वहीं डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। भेलूपुर के खोजवां, सरायनंदन निवासी द्वारिका नाथ ओझा ने अपनी पत्नी विनीत ओझा के नाम से 14 सितंबर 2012 को बड़ी गैबी में 360 वर्गफीट जमीन खरीदी थी।
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खतौनी में नाम भी दर्ज हो गया था। वह जब अपनी जमीन पर बाउंड्री कराने गया तो चार लोगों ने उसे काम कराने से रोक दिया। जानकारी करने पर पता चला कि काम रोकने वाले चार लोगों ने पास में ही 14253 वर्गफीट जमीन बैनामा कराई है।
इस जमीन के अलावा वो लोग करीब एक बीघा बंजर भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं। द्वारिका के कार्नर प्लाट पर भी उनकी नजर थी।
इस पर द्वारिका ने अफसरों से शिकायत की लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। फिर उन्होंने स्थगन आदेश ले लिया। इसी बीच पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल का फर्जी लेटर लेकर आरोपी डीएम के यहां पहुंच गए।
...और जब मंत्री जी हो गए हैरान
प्रो. एसपी सिंह बघेल, पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री
- फोटो : facebook
मंत्री के लेटर पैड पर डीएम को निर्देशित किया गया था कि जमीन से अवैध कब्जा खाली कराया जाए ताकि प्रार्थी को न्याय मिल सके। इस पत्र की आड़ में आरोपियों ने पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से करीब दो बीघे जमीन पर बाउंड्री करा ली।
इसमें एक बीघा जमीन बंजर है, जो नगर निगम की है। मंत्री का पत्र 12 जुलाई 2017 को जारी किया गया था। इस बात की जानकारी होने पर द्वारिका ओझा ने लखनऊ में मंत्री से मुलाकात की और उनका लेटर पैड दिखाया तो मंत्री हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि यह फर्जी लेटर पैड है।
उन्होंने डीएम योगेश्वर राम मिश्र को लेटर पैड के सहारे लाभ लेने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई के लिए कहा है।
मामले में पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि मैं अपने लेटर पैड पर खुद हाथ से लिखता हूं। उस पर कुछ टाइप नहीं कराता। डीएम को भेजा गया लेटर पैड टाइप कराया गया है।
उस पर पत्रांक संख्या और मेरा हस्ताक्षर दोनों फर्जी हैं। इस संबंध में डीएम को मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
इसमें एक बीघा जमीन बंजर है, जो नगर निगम की है। मंत्री का पत्र 12 जुलाई 2017 को जारी किया गया था। इस बात की जानकारी होने पर द्वारिका ओझा ने लखनऊ में मंत्री से मुलाकात की और उनका लेटर पैड दिखाया तो मंत्री हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि यह फर्जी लेटर पैड है।
उन्होंने डीएम योगेश्वर राम मिश्र को लेटर पैड के सहारे लाभ लेने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई के लिए कहा है।
मामले में पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि मैं अपने लेटर पैड पर खुद हाथ से लिखता हूं। उस पर कुछ टाइप नहीं कराता। डीएम को भेजा गया लेटर पैड टाइप कराया गया है।
उस पर पत्रांक संख्या और मेरा हस्ताक्षर दोनों फर्जी हैं। इस संबंध में डीएम को मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।