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यूपीः प्रसव पीड़ा से कराहती रही महिला, डॉक्टर का नहीं पसीजा दिल, शौचालय में हुई डिलीवरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 30 Oct 2018 06:35 PM IST
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प्रसूता।
- फोटो : अमर उजाला
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धरती पर डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। डॉक्टर कभी लोगों की जान बचाता है तो कभी उसकी थोड़ी सी लापरवाही से मरीज के जान पर भी बन आती है। यूपी में शासन के लाख प्रयास के बाद भी अस्पतालों की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है।
मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार करना डॉक्टर और स्टाफ की नियति बन गई है। दुर्व्यवस्था के कारण ही एक महिला प्रसव पीड़ा से कराहती रही और डॉक्टर ने बिना जांच किए ही अनदेखा कर दिया। इसके बाद महिला ने शौचालय में बच्ची को जन्म दे दिया।
इसे लेकर अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों में काफी चर्चा रही। प्रसव के बाद महिला को सामान्य वार्ड में भर्ती करा दिया गया। पूरा मामला यूपी के जौनपुर जिले का है। जिले के मुफ्तीगंज के कटका गांव निवासी गोविंद राम की पत्नी अंजू गौतम (28) सोमवार को दोपहर में जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने आई थी।
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वह अस्पताल में प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से उसने अपनी परेशानी बताई तो वहां मौजूद स्टाफ ने बिना जांच किए कह दिया कि प्रसव होने में अभी एक घंटे का समय है।
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मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार करना डॉक्टर और स्टाफ की नियति बन गई है। दुर्व्यवस्था के कारण ही एक महिला प्रसव पीड़ा से कराहती रही और डॉक्टर ने बिना जांच किए ही अनदेखा कर दिया। इसके बाद महिला ने शौचालय में बच्ची को जन्म दे दिया।
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इसे लेकर अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों में काफी चर्चा रही। प्रसव के बाद महिला को सामान्य वार्ड में भर्ती करा दिया गया। पूरा मामला यूपी के जौनपुर जिले का है। जिले के मुफ्तीगंज के कटका गांव निवासी गोविंद राम की पत्नी अंजू गौतम (28) सोमवार को दोपहर में जिला महिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने आई थी।
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वह अस्पताल में प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से उसने अपनी परेशानी बताई तो वहां मौजूद स्टाफ ने बिना जांच किए कह दिया कि प्रसव होने में अभी एक घंटे का समय है।
अस्पताल में मची अफरातफरी
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इसी बीच अंजू शौचालय की तरफ चली गई। शौचालय में पहुंचने के कुछ ही देर में उसने बच्ची को जन्म दिया। शौचालय में बच्ची को जन्म देते ही अस्पताल में अफरातफरी मच गई। वहां तैनात स्टाफ नर्स आननफानन में उसे व्हीलचेयर पर बैठाकर ले गई।
महिला को सामान्य वार्ड के 25 नंबर बेड पर भर्ती करा दिया। इसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से जच्चा-बच्चा दोनों का स्वस्थ होना बताया जा रहा है। अंजू ने बताया कि अस्पताल में तैनात स्टाफ को उसने अपनी परेशानी बताई लेकिन सभी ने अनदेखी कर दी।
उसकी पीड़ा को गंभीरता से लिया गया होता तो यह समस्या खड़ी न होती। अंजू ने शौचालय की सफाई के नाम पर पैसा लेने का भी आरोप लगाया। हालांकि उसने इस संबंध में लिखित शिकायत नहीं की। अस्पताल की सीएमएस डॉ. आरएस सरोज ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वह मामले का पता करवा रही है।
महिला को सामान्य वार्ड के 25 नंबर बेड पर भर्ती करा दिया। इसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से जच्चा-बच्चा दोनों का स्वस्थ होना बताया जा रहा है। अंजू ने बताया कि अस्पताल में तैनात स्टाफ को उसने अपनी परेशानी बताई लेकिन सभी ने अनदेखी कर दी।
उसकी पीड़ा को गंभीरता से लिया गया होता तो यह समस्या खड़ी न होती। अंजू ने शौचालय की सफाई के नाम पर पैसा लेने का भी आरोप लगाया। हालांकि उसने इस संबंध में लिखित शिकायत नहीं की। अस्पताल की सीएमएस डॉ. आरएस सरोज ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वह मामले का पता करवा रही है।