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गुजरात से काशी पहुंची बाइकिंग क्वींस की टीम, कर रही पीएम के आदर्श गांव का दौरा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 03 Aug 2017 05:58 PM IST
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सूरत से लद्दाख की 15 हजार किलोमीटर की यात्रा पर निकली हैं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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खस्ताहाल सड़कों पर बारिश और जलभराव की चुनौतियों के बावजूद बाइकिंग क्वींस की टीम बुधवार की आधी रात वाराणसी पहुंची तो उनका उत्साह और हौसला देखते बना।
आधी रात होने के नाते सड़कों से भीड़भाड़ नदारद थी लेकिन जो लोग आ-जा रहे थे या फिर लंका के पास चाय-पान की दूकानों के पास थे, वे एक साथ 45 एवेंजेर और ड्यूक बाइक पर सवार महिलाओं को देखा तो बस देखते रह गए जब तक की कारवां बीएचयू के एलडी गेस्टहाउस नहीं पहुंच गया। गुजरात के सूरत शहर से बाइकिंग क्वींस क्लब की महिलाएं बुधवार की देर रात वाराणसी पहुंची।
महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ भारता का संदेश लेकर सूरत से काशी पहुंची महिलाओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। गुरुवार सुबह ये बाइकिंग क्वींस पीएम मोदी के आदर्श ग्राम जयापुर,नागेपुर और ककरहिया के दौरे पर निकली है।
यहां ये टीम बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सशक्त नारी, सशक्त भारत का संदेश दे रही है। वहां पर ये सदस्य बच्चों को स्कूल किट और महिलाओं को सैनेटरी पैड का वितरण करेंगी। महिला बाइकर्स बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सशक्त नारी, सशक्त भारत की अलख जगाने के लिए लद्दाख की यात्रा पर निकली हैं।
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बुधवार की देर रात सूरत की साइकोलाजिस्ट डा. सारिका मेहता के नेतृत्व में पहुंची 45 महिलाओं का जोरदार स्वागत किया गया। सभी महिला बाइकर्स को बीएचयू के गेस्ट हाउस में ठहराया गया है।
15 राज्यों के दौरे पर निकली महिलाओं ने अभी तक महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, कन्याकुमारी, हैदराबाद, मद्रास, तेलंगाना,झांसी, कानपुर होते हुए बनारस पहुंची हैं।
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आधी रात होने के नाते सड़कों से भीड़भाड़ नदारद थी लेकिन जो लोग आ-जा रहे थे या फिर लंका के पास चाय-पान की दूकानों के पास थे, वे एक साथ 45 एवेंजेर और ड्यूक बाइक पर सवार महिलाओं को देखा तो बस देखते रह गए जब तक की कारवां बीएचयू के एलडी गेस्टहाउस नहीं पहुंच गया। गुजरात के सूरत शहर से बाइकिंग क्वींस क्लब की महिलाएं बुधवार की देर रात वाराणसी पहुंची।
महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ भारता का संदेश लेकर सूरत से काशी पहुंची महिलाओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। गुरुवार सुबह ये बाइकिंग क्वींस पीएम मोदी के आदर्श ग्राम जयापुर,नागेपुर और ककरहिया के दौरे पर निकली है।
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यहां ये टीम बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सशक्त नारी, सशक्त भारत का संदेश दे रही है। वहां पर ये सदस्य बच्चों को स्कूल किट और महिलाओं को सैनेटरी पैड का वितरण करेंगी। महिला बाइकर्स बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सशक्त नारी, सशक्त भारत की अलख जगाने के लिए लद्दाख की यात्रा पर निकली हैं।
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बुधवार की देर रात सूरत की साइकोलाजिस्ट डा. सारिका मेहता के नेतृत्व में पहुंची 45 महिलाओं का जोरदार स्वागत किया गया। सभी महिला बाइकर्स को बीएचयू के गेस्ट हाउस में ठहराया गया है।
15 राज्यों के दौरे पर निकली महिलाओं ने अभी तक महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, कन्याकुमारी, हैदराबाद, मद्रास, तेलंगाना,झांसी, कानपुर होते हुए बनारस पहुंची हैं।
बाइकिंग क्वींस को देखकर थम गईं निगाहें
सूरत से लद्दाख की 15 हजार किलोमीटर की यात्रा पर निकली हैं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
बाइकिंग क्वींस को अपने बीच पाकर शहर की सड़कों पर लोगों की निगाहें थम सी गईं। एक साथ 45 एवेंजर बाइक पर सवार महिलाओं को देखकर हर कोई उनके बारे में जानने को उत्सुक दिख रहा था।
एक जैसी वेशभूषा और लगभग एक जैसे रंग की बाइक को देखकर हर किसी के मन में कई सवाल उठ रहे थे। लोगों को जब पता चला कि ये महिलाओं की टोली ऑल इंडिया, ऑल वूमेन का लक्ष्य लेकर काशी पहुंची हैं तो उन्होंने भी इन महिलाओं के जज्बे को सलाम किया।
टीम लीडर डा. सारिका मेहता ने बताया कि बाइकिंग क्वीन्स क्लब की दूसरी वर्षगांठ पर 15 राज्यों में जागरूकता के लिए यह यात्रा आरंभ हुई है। क्लब में डॉक्टर, गृहिणी, छात्राएं और व्यवसायी महिलाएं व युवतियां शामिल हैं। यह यात्रा लद्दाख में जाकर समाप्त होगी।
डा. सारिका ने बताया कि अभी तक उन लोगों ने 45 सौ किलोमीटर से अधिक की यात्रा तय कर ली है। बाइकिंग क्वींस खारदूंगला लेह पहुंचकर 15 अगस्त को ध्वजारोहण करेंगी। बाइकिंग क्वींस का दल इस दौरान 15 राज्यों के छह हजार गांवों में जाएगा।
बहुत खास है बाइकिंग क्वींस की बाइक
बाइकिंग क्वींस
- फोटो : अमर उजाला
बाइकिंग क्वींस के ग्रुप में बाइकर्स की तीन कैटेगरी बनाई गई है। ग्रुप की अंकिता ने बताया कि अधिकांश युवतियों ने दो माह पहले ही बाइक चलानी सीखी है। हमने एक दिन में अधिकतम 480 किलोमीटर का सफर तय किया है। सामान्य तौर पर तीन सौ किलोमीटर से अधिक ही चलते हैं।
बाइक में जीपीएस भी लगा है, जिससे दस्ते की लोकेशन लेते हैं। डा. सारिका ने बताया कि उनके साथ दो गाड़ियां भी चलती हैं जिसमें उनके जरूरतों का सामान होता है। दूसरी गाड़ी उनके किचन की होती है जिसमें उनके लिए भोजन तैयार होता है। सुरक्षा के लिए सभी बाइकिंग क्वींस हेलमेट व अन्य किट पहनती हैं।
बाइक में जीपीएस भी लगा है, जिससे दस्ते की लोकेशन लेते हैं। डा. सारिका ने बताया कि उनके साथ दो गाड़ियां भी चलती हैं जिसमें उनके जरूरतों का सामान होता है। दूसरी गाड़ी उनके किचन की होती है जिसमें उनके लिए भोजन तैयार होता है। सुरक्षा के लिए सभी बाइकिंग क्वींस हेलमेट व अन्य किट पहनती हैं।