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एक महीने बाद भी नहीं मिले थाली-गिलास
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 03 Dec 2016 01:59 AM IST
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विद्यालय बदहाल
- फोटो : अमर उजाला ब्यरो
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बच्चों और अभिभावकों को परिषदीय विद्यालयों की ओर आकर्षित करने के लिए अपनाई जा रही तरकीबों के चक्कर में पढ़ाई पीछे छूट गई है। सुविधाओं और संसाधनों को बढ़ाने के नाम पर की जा रही कवायद भी परवान नहीं चढ़ पा रही है। यूनिफार्म और निशुल्क पुस्तक की योजना के घालमेल की भेंट चढ़ने के बाद अब मिड डे मील के लिए बच्चों को थाली-गिलास बांटने की योजना भी ऐसे ही अंजाम तक जा पहुंची है।
सभी बच्चों को दिवाली पर बर्तन बांटे जाने थे लेकिन अब तक कई विद्यालयों में बर्तन पहुंचे ही नहीं हैं। जिन विद्यालयों को बर्तन उपलब्ध कराए गए, वहां भी सब आधा-अधूरा। कुछ विद्यालयों को थाली-गिलास मिला तो कुछ का इंतजार अब तक खत्म नहीं हो पाया है। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या के अनुरूप बर्तन नहीं पहुंचे, वहां किसे बर्तन दें और किसे ना दें, इसे लेकर शिक्षकों में असमंजस बढ़ गया।
आदर्श प्राथमिक विद्यालय महमूरगंज के प्रधानाध्यापक सरदार अख्तर ने बताया कि जो बच्चे पढ़ने-लिखने में अच्छे हैं और उनकी उपस्थिति बेहतर है, उन्हें बर्तन दिए गए। प्राइमरी में 257 बच्चों में 116 और पूर्व माध्यमिक में 75 में से 36 को ही बर्तन दिया जा सका। प्राथमिक विद्यालय माता प्रसाद में अब तक बर्तन विभाग ने दिए ही नहीं हैं। प्राथमिक विद्यालय पिशाचमोचन और लहुराबीर सहित कुछ अन्य विद्यालयों में भी बच्चों को थाली-गिलास बांटे गए हैं।
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ठंड शुरू होने के बाद भी बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। वजह, प्राथमिक विद्यालय लालपुर प्रथम व द्वितीय का भवन जर्जर हो चुका है। जर्जर भवन में तो कक्षाएं नहीं चलती हैं। बच्चों को बाहर बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जाता है। लापरवाही का आलम यह कि एक दूसरे विद्यालय को भी यहां से अटैच कर दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय लालपुर किराए के मकान में चलता था। नगर निगम ने ये मकान खाली करवा लिया। प्रधानाध्यापक उर्मिला मिश्रा ने बताया कि नए भवन का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लोहिया गांव महमूदपुर स्थित प्राथमिक स्कूल के कैंपस में ट्रांसफार्मर लगे होने से हर समय हादसे का डर सताता है। परिसर में बच्चों के खेलते-कूदते समय शिक्षकों को चिंता लगी रहती है कि कहीं अनहोनी न हो जाए। शिक्षकों ने बताया कि बिजली विभाग को कई बार पत्र लिखा गया लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। वहीं, प्राथमिक विद्यालय दानगंज प्रथम के जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।
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सभी बच्चों को दिवाली पर बर्तन बांटे जाने थे लेकिन अब तक कई विद्यालयों में बर्तन पहुंचे ही नहीं हैं। जिन विद्यालयों को बर्तन उपलब्ध कराए गए, वहां भी सब आधा-अधूरा। कुछ विद्यालयों को थाली-गिलास मिला तो कुछ का इंतजार अब तक खत्म नहीं हो पाया है। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या के अनुरूप बर्तन नहीं पहुंचे, वहां किसे बर्तन दें और किसे ना दें, इसे लेकर शिक्षकों में असमंजस बढ़ गया।
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आदर्श प्राथमिक विद्यालय महमूरगंज के प्रधानाध्यापक सरदार अख्तर ने बताया कि जो बच्चे पढ़ने-लिखने में अच्छे हैं और उनकी उपस्थिति बेहतर है, उन्हें बर्तन दिए गए। प्राइमरी में 257 बच्चों में 116 और पूर्व माध्यमिक में 75 में से 36 को ही बर्तन दिया जा सका। प्राथमिक विद्यालय माता प्रसाद में अब तक बर्तन विभाग ने दिए ही नहीं हैं। प्राथमिक विद्यालय पिशाचमोचन और लहुराबीर सहित कुछ अन्य विद्यालयों में भी बच्चों को थाली-गिलास बांटे गए हैं।
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ठंड शुरू होने के बाद भी बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। वजह, प्राथमिक विद्यालय लालपुर प्रथम व द्वितीय का भवन जर्जर हो चुका है। जर्जर भवन में तो कक्षाएं नहीं चलती हैं। बच्चों को बाहर बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जाता है। लापरवाही का आलम यह कि एक दूसरे विद्यालय को भी यहां से अटैच कर दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय लालपुर किराए के मकान में चलता था। नगर निगम ने ये मकान खाली करवा लिया। प्रधानाध्यापक उर्मिला मिश्रा ने बताया कि नए भवन का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लोहिया गांव महमूदपुर स्थित प्राथमिक स्कूल के कैंपस में ट्रांसफार्मर लगे होने से हर समय हादसे का डर सताता है। परिसर में बच्चों के खेलते-कूदते समय शिक्षकों को चिंता लगी रहती है कि कहीं अनहोनी न हो जाए। शिक्षकों ने बताया कि बिजली विभाग को कई बार पत्र लिखा गया लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। वहीं, प्राथमिक विद्यालय दानगंज प्रथम के जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।