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Varanasi News: अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र में घर-घर जन्मे कृष्ण कन्हाई
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घर की चौखट से गंगा के घाट तक कृष्णमय हुई शिव की नगरी
जन्माष्टमी पर गूंजे सोहर व बधाई, कान्हा को लगाया माखन मिश्री का भोग
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। काशीपुराधिपति की नगरी सोमवार को भगवान कृष्ण के रंग में रंग गई। अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और सोमवार पर बने जयंती योग में लड्डू गोपाल ने जैसे ही जन्म लिया, घर की चौखट से गंगा के घाट तक नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... के जयकारे से गूंज उठे। आदिविश्वेश्वर के धाम से लेकर शहर के मठ-मंदिरों और घरों में नटवर नागर के जन्म का उत्साह देखते ही बन रहा था।
सोमवार की सुबह से ही शिव की नगरी पूरी तरह से कृष्णमय हो चुकी थी। घरों में जहां सोहर गूंज रहे थे तो वहीं मंदिरों में हरेकृष्णा महामंत्र का जाप हो रहा था। घरों में जगह-जगह लड्डू गोपाल की झांकी सजाई गई थी। कहीं शिव स्वरूप में कान्हा तो कहीं बुलडोजर पर तो कहीं रोपवे पर सवार भक्तों का मन मोह रहे थे। अशोक की पत्तियों और करौंदे से कदंब की डाल सजी थी तो छोटे-छोटे खिलौने भी लड्डू गोपाल के स्वागत में सजाए गए थे। घड़ी की सुइयों ने जैसे 12 बजाए तो शंख ध्वनि, डमरू, घंटा और घड़ियाल की ध्वनि के बीच लड्डू गोपाल ने जन्म लिया। अभिषेक के बाद लड्डू गोपाल को माखन मिश्री का भोग लगाकर प्रसाद का वितरण किया गया। बरेका में भी धूमधाम से जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया।
भगवान को लगाया 108 से अधिक व्यंजनों का भोग
हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान का पंचामृत स्नान कराने के साथ ही 108 से अधिक व्यंजनों का भोग लगाया गया। भोर में मंगला आरती से दूसरे दिन के उत्सव की शुरुआत हुई। शाम को तुलसी महारानी की आरती के बाद चैतन्य महाप्रभु की गौर आरती एवं हरेकृष्ण महामंत्र संकीर्तन से पूरा माहेश्वरी भवन कृष्णमय हो गया।
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अक्षयवट हनुमान मंदिर में विराजे बाल गोपाल
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में विराजमान अक्षयवट हनुमान मंदिर के अर्चकगणों ने प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भाद्र मास के अष्टमी तिथि पर सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया। मध्यरात्रि लग्नानुसार नटवर नागर का जन्मोत्सव वैदिक मंत्रों के साथ अर्चक अंकित मिश्रा ने मनाया। श्रीकृष्ण का पंचामृत स्नान कराके नूतन वस्त्र धारण कराया गया।
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जन्माष्टमी पर गूंजे सोहर व बधाई, कान्हा को लगाया माखन मिश्री का भोग
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। काशीपुराधिपति की नगरी सोमवार को भगवान कृष्ण के रंग में रंग गई। अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और सोमवार पर बने जयंती योग में लड्डू गोपाल ने जैसे ही जन्म लिया, घर की चौखट से गंगा के घाट तक नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... के जयकारे से गूंज उठे। आदिविश्वेश्वर के धाम से लेकर शहर के मठ-मंदिरों और घरों में नटवर नागर के जन्म का उत्साह देखते ही बन रहा था।
सोमवार की सुबह से ही शिव की नगरी पूरी तरह से कृष्णमय हो चुकी थी। घरों में जहां सोहर गूंज रहे थे तो वहीं मंदिरों में हरेकृष्णा महामंत्र का जाप हो रहा था। घरों में जगह-जगह लड्डू गोपाल की झांकी सजाई गई थी। कहीं शिव स्वरूप में कान्हा तो कहीं बुलडोजर पर तो कहीं रोपवे पर सवार भक्तों का मन मोह रहे थे। अशोक की पत्तियों और करौंदे से कदंब की डाल सजी थी तो छोटे-छोटे खिलौने भी लड्डू गोपाल के स्वागत में सजाए गए थे। घड़ी की सुइयों ने जैसे 12 बजाए तो शंख ध्वनि, डमरू, घंटा और घड़ियाल की ध्वनि के बीच लड्डू गोपाल ने जन्म लिया। अभिषेक के बाद लड्डू गोपाल को माखन मिश्री का भोग लगाकर प्रसाद का वितरण किया गया। बरेका में भी धूमधाम से जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया।
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भगवान को लगाया 108 से अधिक व्यंजनों का भोग
हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान का पंचामृत स्नान कराने के साथ ही 108 से अधिक व्यंजनों का भोग लगाया गया। भोर में मंगला आरती से दूसरे दिन के उत्सव की शुरुआत हुई। शाम को तुलसी महारानी की आरती के बाद चैतन्य महाप्रभु की गौर आरती एवं हरेकृष्ण महामंत्र संकीर्तन से पूरा माहेश्वरी भवन कृष्णमय हो गया।
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अक्षयवट हनुमान मंदिर में विराजे बाल गोपाल
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में विराजमान अक्षयवट हनुमान मंदिर के अर्चकगणों ने प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भाद्र मास के अष्टमी तिथि पर सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया। मध्यरात्रि लग्नानुसार नटवर नागर का जन्मोत्सव वैदिक मंत्रों के साथ अर्चक अंकित मिश्रा ने मनाया। श्रीकृष्ण का पंचामृत स्नान कराके नूतन वस्त्र धारण कराया गया।