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JHV मॉल में आगः 'मैं कूद रहा हूं, तुम बच्चे को नीचे फेंकना'
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:27 PM IST
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मॉल में न फायर आफीसर और न स्मोक सेंसर
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के जेएचवी मॉल में ब्रांडेड कपड़ा शोरूम के पिछले हिस्से में स्थित गोदाम में शुक्रवार की शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक आग लग गई। मॉल में धुएं का गुबार फैलते ही भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मॉल के मल्टीप्लेक्स में सिनेमा देख रहे लोगों को जब आग लगने की जानकारी हुई तो सभी बाहर भागे। तीसरे मंजिल से नीचे उतरने का एक ही रास्ता सीढ़ी थी। बिजली गुल होने के कारण लिफ्ट और एस्क्लेटर भी बंद हो गया था।
किसी तरह से बच कर बाहर आए चेतगंज क्षेत्र के निशांत उपाध्याय ने बताया कि चौतरफा धुआं देख वो इतना घबरा गए थे कि उन्हें लगा कि वो सीधे नीचे कूद जाएं। धुआं के कारण सभी को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उन्होंने सीधे नीचे कूदने के लिए अपनी पत्नी रीता को भी तैयार कर लिया था।
पत्नी से उन्होंने कहा कि वो नीचे कूद रहे हैं और वो बच्चे को नीचे फेंक दे तो वो पकड़ लेंगे। हालांकि किसी तरह से वो बाहर निकलने में कामयाब रहे। कुछ ऐसे ही हालात नरिया के अमरेंद्र शंकर उपाध्याय, पांडेयपुर के प्रद्युमभन प्रताप सिंह, अर्दली बाजार के शीशू सिंह और उनके दोस्त राजेश पांडेय ने भी बयान किए।
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सभी का कहना था कि हम बाल-बाल बच गए। उधर, पार्किंग से वाहन सकुशल निकालने की भी लोगों के बीच जल्दबाजी दिखी। किसी तरह से धुआं के बीच लोग अपने वाहन बाहर लेकर भागे।
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किसी तरह से बच कर बाहर आए चेतगंज क्षेत्र के निशांत उपाध्याय ने बताया कि चौतरफा धुआं देख वो इतना घबरा गए थे कि उन्हें लगा कि वो सीधे नीचे कूद जाएं। धुआं के कारण सभी को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उन्होंने सीधे नीचे कूदने के लिए अपनी पत्नी रीता को भी तैयार कर लिया था।
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पत्नी से उन्होंने कहा कि वो नीचे कूद रहे हैं और वो बच्चे को नीचे फेंक दे तो वो पकड़ लेंगे। हालांकि किसी तरह से वो बाहर निकलने में कामयाब रहे। कुछ ऐसे ही हालात नरिया के अमरेंद्र शंकर उपाध्याय, पांडेयपुर के प्रद्युमभन प्रताप सिंह, अर्दली बाजार के शीशू सिंह और उनके दोस्त राजेश पांडेय ने भी बयान किए।
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सभी का कहना था कि हम बाल-बाल बच गए। उधर, पार्किंग से वाहन सकुशल निकालने की भी लोगों के बीच जल्दबाजी दिखी। किसी तरह से धुआं के बीच लोग अपने वाहन बाहर लेकर भागे।
लोग याद करने लगे थे उपहार सिनेमा कांड
jhv
- फोटो : अमर उजाला
जेएचवी मॉल से किसी तरह भाग कर बाहर आए लोग शुक्रवार की रात अनहोनी की आशंका से कांप उठे थे। मॉल में छाया धुआं और आग की विकराल लपटें देख लोग खुद को और अपने साथ के लोगों को ढांढस बंधाते नजर आ रहे थे। सभी की जुबान पर एक ही बात थी कि आग फैलने पाती तो न जाने कितने लोगों की जान जाती।
लोग 1997 के दिल्ली के उपहार सिनेमा कांड के हादसे की चर्चाएं कर ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते नजर आए और घर पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को खुद की सलामती के बारे में फोन कर जानकारी देते देखे गए। वहीं, मॉल की दुकानों के मालिकों और स्टाफ का कहना था कि संयोग अच्छा था कि आग फैली नहीं अन्यथा करोड़ों का नुकसान होता।
दिवाली के बाद शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण लोग मौज-मस्ती के उद्देश्य से जेएचवी मॉल गए थे। शहर के अन्य मॉल की अपेक्षा आकार में बड़े इस मॉल में आमतौर पर रोजाना भी ज्यादा संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। इसके साथ ही मॉल के बगल में स्थित पार्क में मौजूद लोग भी शाम के समय उधर का ही रुख कर लिए थे।
इस तरह मॉल के मल्टीप्लेक्स में सिनेमा देखने वालों, खरीदारी करने वालों और रेस्टोरेंटों में मौजूद लोगों की संख्या 1500 से ज्यादा थी। जानकारों का कहना था कि वातानुकूलित मॉल में लगे इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रानिक उपकरण लपटों की जद में आ गए होते तो आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाता। साथ ही, न जाने कितनी जिंदगियां खतरे में पड़ गई होतीं।
लोग 1997 के दिल्ली के उपहार सिनेमा कांड के हादसे की चर्चाएं कर ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते नजर आए और घर पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को खुद की सलामती के बारे में फोन कर जानकारी देते देखे गए। वहीं, मॉल की दुकानों के मालिकों और स्टाफ का कहना था कि संयोग अच्छा था कि आग फैली नहीं अन्यथा करोड़ों का नुकसान होता।
दिवाली के बाद शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण लोग मौज-मस्ती के उद्देश्य से जेएचवी मॉल गए थे। शहर के अन्य मॉल की अपेक्षा आकार में बड़े इस मॉल में आमतौर पर रोजाना भी ज्यादा संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। इसके साथ ही मॉल के बगल में स्थित पार्क में मौजूद लोग भी शाम के समय उधर का ही रुख कर लिए थे।
इस तरह मॉल के मल्टीप्लेक्स में सिनेमा देखने वालों, खरीदारी करने वालों और रेस्टोरेंटों में मौजूद लोगों की संख्या 1500 से ज्यादा थी। जानकारों का कहना था कि वातानुकूलित मॉल में लगे इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रानिक उपकरण लपटों की जद में आ गए होते तो आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाता। साथ ही, न जाने कितनी जिंदगियां खतरे में पड़ गई होतीं।
अग्निशमन विभाग ने आईपी मॉल सिगरा के बेसमेंट में हुई दुर्घटना से नहीं ली सीख
jhv
- फोटो : अमर उजाला
बीते 23 जून को सिगरा स्थित आईपी मॉल के बेसमेंट में बने गोदाम में आग लगने से अफरातफरी मच गई थी। मगर, इस हादसे से भी अग्निशमन विभाग ने कोई सीख नहीं ली। दावे तो बहुत किए गए लेकिन शहर के मॉल और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग से सुरक्षा के मुकम्मल उपायों की पड़ताल तक नहीं की गई।
शुक्रवार की रात जेएचवी मॉल में हुई घटना ने एकबारगी फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जबकि, अग्निशमन विभाग के अधिकारी नोटिस और कार्रवाई की संस्तुति का फिर पुराना राग अलापते नजर आए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश राय के अनुसार जेएचवी मॉल में फायर आफीसर नहीं है। स्मोक सेंसर काम नहीं कर रहा था। अलार्म नहीं बजा और हाइड्रेंट सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। बिजली के तार दुरुस्त होते और समय-समय पर मॉल प्रबंधन उनकी चेकिंग कराता रहता तो शार्ट सर्किट की नौबत नहीं आती। धुआं फैला तो मल्टीप्लेक्स से बाहर निकालने के लिए मात्र एक ही रास्ता था।
मौके पर पहुंचने पर प्रतीत हुआ कि सुरक्षाकर्मियों को आग बुझाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। इन सारी खामियों के मद्देनजर मॉल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक न होने पर अग्निशमन विभाग अपने स्तर से कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही जिला प्रशासन को भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
उधर, इंस्पेक्टर कैंट फरीद अहमद ने बताया कि मॉल में आग से सुरक्षा के प्रभावी उपाय नहीं दिखे हैं। जो उपकरण लगे थे वो सही तरीके से काम करते नहीं दिखे। मॉल में हमेशा सैकड़ों लोग मौजूद रहते हैं। शुक्रवार की रात जो लापरवाहियां सामने आई हैं उनकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
शुक्रवार की रात जेएचवी मॉल में हुई घटना ने एकबारगी फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जबकि, अग्निशमन विभाग के अधिकारी नोटिस और कार्रवाई की संस्तुति का फिर पुराना राग अलापते नजर आए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश राय के अनुसार जेएचवी मॉल में फायर आफीसर नहीं है। स्मोक सेंसर काम नहीं कर रहा था। अलार्म नहीं बजा और हाइड्रेंट सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। बिजली के तार दुरुस्त होते और समय-समय पर मॉल प्रबंधन उनकी चेकिंग कराता रहता तो शार्ट सर्किट की नौबत नहीं आती। धुआं फैला तो मल्टीप्लेक्स से बाहर निकालने के लिए मात्र एक ही रास्ता था।
मौके पर पहुंचने पर प्रतीत हुआ कि सुरक्षाकर्मियों को आग बुझाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। इन सारी खामियों के मद्देनजर मॉल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक न होने पर अग्निशमन विभाग अपने स्तर से कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही जिला प्रशासन को भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
उधर, इंस्पेक्टर कैंट फरीद अहमद ने बताया कि मॉल में आग से सुरक्षा के प्रभावी उपाय नहीं दिखे हैं। जो उपकरण लगे थे वो सही तरीके से काम करते नहीं दिखे। मॉल में हमेशा सैकड़ों लोग मौजूद रहते हैं। शुक्रवार की रात जो लापरवाहियां सामने आई हैं उनकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।