फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   kisan nyay rally priyanka gandhi in varanasi worship in durgakund kushmanda devi temple after 44 years

वाराणसी में प्रियंका गांधी: दादी के बाद पोती ने 44 साल बाद मां कूष्मांडा के दरबार में टेका मत्था

Sun, 10 Oct 2021 04:52 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 10 Oct 2021 04:52 PM IST
सार

माता कूष्मांडा का यह सिद्ध मंदिर काशी के प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर में काशी वाले तमाम राजनीतिक हस्तियों ने शीश नवाया है। 

विज्ञापन
kisan nyay rally priyanka gandhi in varanasi worship in durgakund kushmanda devi temple after 44 years
मां कूष्मांडा के मंदिर में प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किसान न्याय यात्रा को संबोधित करने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रविवार को वाराणसी दौर पर रहीं। रैली से पहले उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर और दुर्गाकुंड स्थित देवी कूष्मांडा के मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। माता कूष्मांडा का यह सिद्ध मंदिर काशी के प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है।

विज्ञापन


इस मंदिर में काशी वाले तमाम राजनीतिक हस्तियों ने शीश नवाया है। जानकारी के मुताबिक, मां के दरबार मे तकरीबन 44 साल पहले लोकसभा चुनाव हारने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी दर्शन-पूजन करने पहुंचीं थीं। इससे पहले बतौर प्रधानमंत्री भी इंदिरा गांधी ने दर्शन पूजन किया था।
विज्ञापन



स्थानीय लोगों के साथ पुराने कांग्रेसियों ने भी खुशी जताई कि दादी के बाद अब पोती प्रियंका परंपरा का निर्वहन किया।  शहर के पुराने कांग्रेसी बताते हैं कि इंदिरा गांधी को धर्म-कर्म में रुचि थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंदिरों में जाने के लिए उन्हें किसी विशेष प्रोटोकॉल की जरूरत नहीं पड़ती थी। आम दर्शनार्थी के तौर पर दर्शन करती थीं। शक्ति पीठ मां कूष्मांडा के दरबार मे कई दिग्गज नेताओं ने हाजिरी लगाई है। 22 सितंबर 2017 नवरात्र के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी ने भी मां के दरबार मे मत्था टेका था। करीब 24 मिनट देवी मंदिर में रहने के दौरान विशेष पूजन-अर्चन किया था। 

हजारों साल पुराना है मंदिर

भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी विश्व की तीन लोक से न्यारी काशी में मां आद्य शक्ति अदृश्य रूप में दुर्गाकुंड मंदिर में विराजमान हैं।   ऐसा माना जाता है कि शुंभ और निशुंभ राक्षसों का वध करने के बाद मां दुर्गा ने यहां विश्राम किया था। पौराणिक कथाओं के अनुसार काशीराज सुदर्शन के पक्ष में एक बार देवी कूष्मांडा ने स्वयं शेर पर सवार होकर युद्ध किया था। इसके बाद राजा सुदर्शन ने मां से काशी में विराजमान होने की प्रार्थना  की थी। मंदिर का जीर्णोद्धार 1760 ई0 में रानी भवानी ने कराया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed