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वाराणसी की बेटी ने यूपी का नाम किया रोशन, अंतरराष्ट्रीय शतरंज मैच में निर्णायक बनीं कविता
Fri, 10 Jul 2020 01:01 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Fri, 10 Jul 2020 01:01 PM IST
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शतरंज खिलाड़ी और निर्णायक कविता पटेल
- फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) ने अपने अध्यक्षीय बोर्ड की बैठक में काशी की बेटी कविता पटेल को अंतरराष्ट्रीय शतरंज निर्णायक श्रेणी के डी से सी श्रेणी के निर्णायक के तौर पर पदोन्नत किया है। कविता यूपी की पहली महिला बन गईं हैं जो सबसे कम उम्र की अंतरराष्ट्रीय निर्णायक बनी है।
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जिला शतरंज संघ के सचिव विजय कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि दो बार की नेशनल खिलाड़ी रह चुकीं कविता पटेल पहली बार 2016 में 28 वर्ष की उम्र में फिडे निर्णायकों में यूपी की पहली महिला निर्णायक की उपाधि प्राप्त की थी।
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जिसके बाद कविता ने कई राष्ट्रीय चैंपियनशिप एवं कामनवेल्थ चैंपियनशिप में अपनी अहम भूमिका निभाई। तमाम उपलब्धियों की बदौलत कविता ने सन 2019 में अंतरराष्ट्रीय स्तर की डी ग्रेड की निर्णायक की उपाधि प्राप्त की। उस समय वह महिलाओं की श्रेणी में संपूर्ण भारत में चौथे नंबर की एवं सबसे कम आयु की निर्णायक का खिताब अपने नाम किया।
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18 साल के अपने शतरंज कॅरियर में कई बार स्टेट चैंपियन रह चुकी 30 वर्षीय कविता ने बताया कि डी ग्रेड से सी ग्रेड का निर्णायक बनाना मेरे लिए बड़ी बात है। आगे ए ग्रेड के निर्णायक बनने का ख्वाहिश रखने वाली कविता जिला स्तर पर शतरंज को बेहतर बनाना चाहती हैं। कविता ने सन 2002 से एक राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में अपना कॅरियर राष्ट्रीय सब जूनियर चैंपियनशिप से शुरू किया था।