फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Kasturba Gandhi Residential School: 15 percent of the budget was not spent in a year

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय: साल भर में 15 फीसदी बजट भी नहीं हुआ खर्च

Tue, 19 Jul 2022 01:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 01:27 AM IST
विज्ञापन
Kasturba Gandhi Residential School: 15 percent of the budget was not spent in a year
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में सरकार की ओर से जारी बजट का 15 फीसदी हिस्सा भी खर्च नहीं हो पाया है। बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही और अनदेखी मानते हुए शासन ने रिपोर्ट तलब की है। वाराणसी समेत प्रदेश भर के अन्य 48 जिले इसे लेकर आला अधिकारियों के रडार पर हैं।
विज्ञापन

राज्य परियोजना निदेशक की ओर से हाल में ही केजीबीवी में जारी हुए बजट और खर्च की सूची जारी की गई है। इसके तहत प्रतापगढ़ और बलराम ही केवल 50 फीसदी लक्ष्य तक पहुंच सके हैं। इन दो जिलों को छोड़कर प्रदेश के 48 जिलों सरकारी योजनाओं को ठीक से लागू नहीं कर पा रहे हैं। वाराणसी जिले में कुल 6 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं। इसमें नामांकित 600 छात्राओं के लिए आवर्तक और अनावर्तक मद में लगभग 16 लाख 428 हजार का लिमिट जारी हुआ था। प्रबंध पोर्टल पर दर्ज ब्योरे के अनुसार जिले में मात्र तीन लाख 19 हजार रुपये ही खर्च हो पाए हैं। साल भर में विभाग ने 1.94 फीसदी राशि ही खर्च की है। परियोजना निदेशक की ओर से जारी सूची में आंबेडकरनगर, बदायूं, बागपत, बांदा, बाराबंकी, देवरिया, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हाथरस, अमरोहा, कानपुर देहात, कौशांबी, महाराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मुरादाबाद, मुजफरनगर, हापुड़, रायबरेली में व्यय की स्थिति शून्य है।
विज्ञापन

होगी समीक्षा
परियोजना अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी जिलों को अपने यहां कम बजट खर्च को लेकर समीक्षा करनी होगी। छात्राओं को योजनाओं के पूर्ण लाभ का जमीनी निरीक्षण भी करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन मदों में होता है खर्च
केजीबीवी में छात्राओं के लिए मानदेय व अन्य गतिविधियों के लिए बजट दिया जाता है। वहीं बाउंड्री वाल, रिपेयर, बेडिंग रिप्लेसमेंट, गार्ड रूम आदि के लिए धनराशि दी जाती है। छात्राओं के अध्यापन के साथ आवास, भोजन, दैनिक उपभोग की वस्तुएं, शिक्षण सामग्री, चिकित्सा आदि सभी सुविधाएं भी यहां निशुल्क प्रदान की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed