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बाबा विश्वनाथ के दर आये श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने लिया यह बड़ा फैसला
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 11 Sep 2017 02:12 PM IST
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सप्तर्षि आरती से पौन घंटे पहले रोजाना गर्भगृह से कठघरा हटाने का निर्देश
- फोटो : amarujala
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देश-दुनिया से बाबा विश्वनाथ मदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। ज्योतिर्लिंग स्पर्श के लिए बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में लगा रजत कठघरा अब हर रोज सप्तर्षि आरती से पहले शाम को पौन घंटे के लिए हटाया जाएगा।
यह नई व्यवस्था रविवार से लागू कर दी गई। ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु बाबा के विग्रह का स्पर्श कर सकें। सप्तर्षि आरती के समय कठघरा खुलने के दौरान बाबा के स्पर्श के लिए श्रद्धालुओं की जेबें ढीली किए जाने की शिकायत के बाद मंदिर प्रशासन ने यह नया निर्देश जारी किया। इसके बाद अब नियमित श्रद्धालुओं के अलावा आम दर्शनार्थी भी बाबा का स्पर्श कर सकेंगे।
शाम 7:15 से शुरू होने वाली सप्तर्षि आरती के बाद रात 8:25से 8:45 बजे तक बाबा का रजत कठघरा खोला जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं में बाबा का स्पर्श करने की होड़ मच जाती है।
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मंदिर प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कठघरा खुलने के दौरान कुछ पुजारी श्रद्धालुओं से बाबा का स्पर्श कराने के लिए चढ़ावा वसूली करते हैं। इस मामले की जानकारी के बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने रविवार को सप्तर्षि आरती से पैन घंटे पहले ही रजत कठघरा खोले जाने का निर्देश जारी कर दिया।
इस दौरान आम दर्शनार्थी भी बाबा के विग्रह का स्पर्श कर सकेंगे। बाबा का कठघरा सिर्फ मंगला आरती, भोग आरती, सप्तर्षि आरती, शृंगार-भोग आरती और शयन आरती के समय ही खोला जाता है। इस अवधि से पहले गर्भगृह में कठघरा लगे होने की वजह से श्रद्धालु बाबा का स्पर्श नहीं कर पाते थे।
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यह नई व्यवस्था रविवार से लागू कर दी गई। ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु बाबा के विग्रह का स्पर्श कर सकें। सप्तर्षि आरती के समय कठघरा खुलने के दौरान बाबा के स्पर्श के लिए श्रद्धालुओं की जेबें ढीली किए जाने की शिकायत के बाद मंदिर प्रशासन ने यह नया निर्देश जारी किया। इसके बाद अब नियमित श्रद्धालुओं के अलावा आम दर्शनार्थी भी बाबा का स्पर्श कर सकेंगे।
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शाम 7:15 से शुरू होने वाली सप्तर्षि आरती के बाद रात 8:25से 8:45 बजे तक बाबा का रजत कठघरा खोला जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं में बाबा का स्पर्श करने की होड़ मच जाती है।
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मंदिर प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कठघरा खुलने के दौरान कुछ पुजारी श्रद्धालुओं से बाबा का स्पर्श कराने के लिए चढ़ावा वसूली करते हैं। इस मामले की जानकारी के बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने रविवार को सप्तर्षि आरती से पैन घंटे पहले ही रजत कठघरा खोले जाने का निर्देश जारी कर दिया।
इस दौरान आम दर्शनार्थी भी बाबा के विग्रह का स्पर्श कर सकेंगे। बाबा का कठघरा सिर्फ मंगला आरती, भोग आरती, सप्तर्षि आरती, शृंगार-भोग आरती और शयन आरती के समय ही खोला जाता है। इस अवधि से पहले गर्भगृह में कठघरा लगे होने की वजह से श्रद्धालु बाबा का स्पर्श नहीं कर पाते थे।