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काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा को इस फोर्स के हवाले करने की तैयारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:17 PM IST
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बैठक करते एडीजी (सुरक्षा) विजय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र, राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि और ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार श्राइन सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) के गठन पर विचार कर रही है।
इस बात के संकेत बुधवार को प्रदेश के एडीजी (सुरक्षा) विजय कुमार के समक्ष आयोजित काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की हाई पॉवर कमेटी की बैठक में मिले। इसके लिए आवश्यकतानुसार जमीन तलाशने के साथ ही अन्य कवायदें शुरू करने की बात कही गई है।
अधिकारियों ने बताया कि एसएसएफ के गठन के बाद अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एडीजी के सामने बैठक में काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ और सीआरपीएफ के जवान के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नोकझोंक का मसला उठा।
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उन्होंने दो टूक कहा कि सुरक्षा मानकों के आगे कोई वीवीआईपी नहीं है। पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स (सीपीएमएफ) के जवान मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करें। यदि कोई वीवीआईपी की आड़ में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करे तो उसके खिलाफ सुरक्षा मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाए।
बैठक के बाद एडीजी ने बताया कि प्रस्तावित काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में पुलिस, पीएसी, सीपीएमएफ, फायर ब्रिगेड और खुफिया इकाइयों के लिए अत्याधुनिक कमांड सेंटर बनाया जाना है। इस कमांड सेंटर से मंदिर परिक्षेत्र और मस्जिद परिसर के चप्पे-चप्पे की निगहबानी की जा सकेगी।
जैसे-जैसे कॉरिडोर का काम पूरा होता जाएगा फोर्स की संख्या बढ़ती जाएगी। बताया कि मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवानों के आवास के लिए बाबतपुर के समीप जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के स्तर से कार्रवाई हो रही है।
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इस बात के संकेत बुधवार को प्रदेश के एडीजी (सुरक्षा) विजय कुमार के समक्ष आयोजित काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की हाई पॉवर कमेटी की बैठक में मिले। इसके लिए आवश्यकतानुसार जमीन तलाशने के साथ ही अन्य कवायदें शुरू करने की बात कही गई है।
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अधिकारियों ने बताया कि एसएसएफ के गठन के बाद अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एडीजी के सामने बैठक में काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ और सीआरपीएफ के जवान के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नोकझोंक का मसला उठा।
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उन्होंने दो टूक कहा कि सुरक्षा मानकों के आगे कोई वीवीआईपी नहीं है। पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स (सीपीएमएफ) के जवान मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करें। यदि कोई वीवीआईपी की आड़ में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करे तो उसके खिलाफ सुरक्षा मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाए।
बैठक के बाद एडीजी ने बताया कि प्रस्तावित काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में पुलिस, पीएसी, सीपीएमएफ, फायर ब्रिगेड और खुफिया इकाइयों के लिए अत्याधुनिक कमांड सेंटर बनाया जाना है। इस कमांड सेंटर से मंदिर परिक्षेत्र और मस्जिद परिसर के चप्पे-चप्पे की निगहबानी की जा सकेगी।
जैसे-जैसे कॉरिडोर का काम पूरा होता जाएगा फोर्स की संख्या बढ़ती जाएगी। बताया कि मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवानों के आवास के लिए बाबतपुर के समीप जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के स्तर से कार्रवाई हो रही है।
सात कंपनी पीएसी की बनाई जाएगी नई बटालियन
काशी विश्वनाथ मंदिर
काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की हाई पॉवर कमेटी की बैठक में एडीजी (सुरक्षा) विजय कुमार ने कहा कि विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूदा समय में सात कंपनी पीएसी के जवान तैनात रहते हैं। ये जवान पीएसी की अलग-अलग बटालियन से आते हैं।
मंदिर परिक्षेत्र में तैनात होने वाली पीएसी की जल्द ही एक नई बटालियन बनाई जाएगी। इसके बाद बटालियन में जनशक्ति के साथ ही अन्य संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र के येलो जोन में होने वाले निर्माण पर खुफिया इकाइयों की पैनी निगाह हो।
खुफिया इकाइयां निर्माण की जानकारी होते ही वीडीए को सूचित करें। यदि वीडीए अनुमति दे तभी निर्माण होने दिया जाए। बीते दिनों एसएसपी ने दालमंडी में छापामारी कर लंबे पैमाने पर हुए भूमिगत अवैध निर्माण के खेल को उजागर किया था।
विश्वनाथ मंदिर के गर्भ गृह में धोती-कुर्ता पहन कर पुलिसकर्मियों के ड्यूटी करने को एडीजी ने अच्छी पहल बताया। एसएसपी वाराणसी सार्थक प्रयास है। इससे देश और दुनिया के श्रद्धालुओं के सामने यूपी पुलिस की अच्छी छवि प्रस्तुत हो रही है।
इससे पहले उन्होंने काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करने के साथ रेड जोन की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान गेट नंबर दो से गेट नंबर तीन तक की बैरिकेडिंग को दुरुस्त कराने के अलावा जवानों को श्रद्धालुओं के साथ आत्मीयता से पेश आने को कहा।
इस दौरान एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, एसपी सुरक्षा शैलेंद्र कुमार राय सहित पुलिस-प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मंदिर परिक्षेत्र में तैनात होने वाली पीएसी की जल्द ही एक नई बटालियन बनाई जाएगी। इसके बाद बटालियन में जनशक्ति के साथ ही अन्य संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र के येलो जोन में होने वाले निर्माण पर खुफिया इकाइयों की पैनी निगाह हो।
खुफिया इकाइयां निर्माण की जानकारी होते ही वीडीए को सूचित करें। यदि वीडीए अनुमति दे तभी निर्माण होने दिया जाए। बीते दिनों एसएसपी ने दालमंडी में छापामारी कर लंबे पैमाने पर हुए भूमिगत अवैध निर्माण के खेल को उजागर किया था।
विश्वनाथ मंदिर के गर्भ गृह में धोती-कुर्ता पहन कर पुलिसकर्मियों के ड्यूटी करने को एडीजी ने अच्छी पहल बताया। एसएसपी वाराणसी सार्थक प्रयास है। इससे देश और दुनिया के श्रद्धालुओं के सामने यूपी पुलिस की अच्छी छवि प्रस्तुत हो रही है।
इससे पहले उन्होंने काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करने के साथ रेड जोन की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान गेट नंबर दो से गेट नंबर तीन तक की बैरिकेडिंग को दुरुस्त कराने के अलावा जवानों को श्रद्धालुओं के साथ आत्मीयता से पेश आने को कहा।
इस दौरान एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, एसपी सुरक्षा शैलेंद्र कुमार राय सहित पुलिस-प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।