{"_id":"625a47dee02ad5760733a2f1","slug":"kashi-vishwanath-temple-gyanvapi-masjid-dispute-lawyer-commissioner-will-take-stock-of-premises-after-17-april","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद: वकील कमिश्नर 17 अप्रैल के बाद लेंगे परिसर का जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद: वकील कमिश्नर 17 अप्रैल के बाद लेंगे परिसर का जायजा
Sat, 16 Apr 2022 10:06 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sat, 16 Apr 2022 10:06 AM IST
सार
काशी विश्वनाथ धाम ज्ञानवापी परिसर विवाद मामले में अदालत ने 20 अप्रैल को सुनवाई की तारीख तय की है। ऐसे में दौरे की रिपोर्ट को लेकर आम जनमानस में उत्सुकता बढ़ गई है।
विज्ञापन
ज्ञानवापी मस्जिद, काशी विश्वनाथ मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काशी विश्वनाथ धाम ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी मंदिर के नियमित दर्शन को लेकर दाखिल याचिका पर सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत द्वारा नियुक्त वकील कमिश्नर अजय कुमार जल्द ही ज्ञानवापी परिसर का जायजा लेंगे।
विज्ञापन
वादी पक्ष के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी के मुताबिक नियुक्त कमिश्नर से बातचीत चल रही है और 19 अप्रैल को अदालत के आदेश के मुताबिक दौरा कर सकते हैं। 20 अप्रैल को अदालत ने इस मामले के सुनवाई की तारीख तय की है। ऐसे में दौरे की रिपोर्ट को लेकर आम जनमानस में उत्सुकता बढ़ गई है।
विज्ञापन
अदालत ने वादी पक्ष के प्रार्थनापत्र के प्रकाश में दोनों पक्षकारों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कराने को भी कहा है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है। अदालत में गोंडा निवासी राखी सिंह व अन्य की तरफ से वाद दाखिल कर श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन के साथ 1993 के पूर्व की स्थिति बहाल करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
यह भी अनुरोध किया गया कि ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी और आदि विश्वेश्वर परिवार के विग्रहों की यथास्थिति रखी जाए और वकील कमिश्नर से वर्तमान स्थिति के बाबत रिपोर्ट मंगा ली जाये। अदालत ने वकील कमिश्नर नियुक्त करते हुए रिपोर्ट तलब की है। इस मामले विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट, डीएम, पुलिस आयुक्त, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया गया है।