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ज्ञानवापी परिसर: पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के मामले में दाखिल निगरानी याचिका पर सुनवाई टली, जानें कब होगी अगली सुनवाई
Wed, 28 Jul 2021 09:57 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 28 Jul 2021 09:57 AM IST
सार
सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक ने ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने का आठ अप्रैल 2021 को केंद्र और राज्य सरकार को आदेश दिया था। इस आदेश से असंतुष्ट सुन्नी सेंट्रल बोर्ड आफ वक्फ और अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में निगरानी याचिका दायर की थी।
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ज्ञानवापी मस्जिद, काशी विश्वनाथ मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी के ज्ञानवापी प्रकरण में पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक के आदेश के खिलाफ दाखिल निगरानी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से इस याचिका पर अपना पक्ष रखने के लिए अदालत से समय मांगा, जिस पर जिला जज ओमप्रकाश त्रिपाठी ने सुनवाई के लिए अगली तिथि पांच अगस्त तय की।
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सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक आशुतोष तिवारी ने ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने का आठ अप्रैल 2021 को केंद्र और राज्य सरकार को आदेश दिया था। इस आदेश से असंतुष्ट सुन्नी सेंट्रल बोर्ड आफ वक्फ और अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में निगरानी याचिका दायर की थी।
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इस याचिका की ग्राह्यता पर नौ जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विशेश्वरनाथ की ओर से वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आपत्ति करते हुए याचिका को निरस्त करने की दलील दी थी। वाद मित्र के आपत्ति पर अपना पक्ष रखने के लिए सुन्नी सेंट्रल बोर्ड आफ वक्फ के अधिवक्ता अभयनाथ यादव और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद के अधिवक्ता रईस अहमद अंसारी और मुमताज अहमद ने अदालत से समय मांगा था, जिसे मंजूर करते हुए अदालत ने 27 जुलाई की तिथि मुकर्रर की थी।
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