Kashi Vishwanath Dham: धाम के लोकार्पण से पूर्व सीएम योगी बोले- 'नई काशी' अब विकास के वैश्विक क्षितिज पर आलोकित
श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण का उत्साह चरम पर है। काशी ही नहीं संपूर्ण दुनिया बाबा के धाम के वैभव को देखकर अभिभूत है। सीएम योगी ने सोमवार सुबह ट्वीट कर धाम के लोकार्पण की जानकारी दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया- आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी श्री काशी विश्वनाथ धाम के नव्य-भव्य स्वरूप का लोकार्पण करने जा रहे हैं। अध्यात्म एवं संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र यह भव्य धाम सेवा क्षेत्र, पर्यटन एवं रोजगार में भी वृद्धि का कारक बनेगा। 'नई काशी' अब विकास के वैश्विक क्षितिज पर आलोकित हो रही है।
इससे पहले रविवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी काशी विश्वनाथ धाम की नई तस्वीरें अपने ट्वीटर एकाउंट पर पोस्ट की हैं। धाम की चार अलग अलग फोटो साझा करते हुए काशी में इस विशेष आयोजन की सूचना भी दी है। उन्होंने लोगों को इससे जुड़ने की भी अपील की।
पीएम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि 13 दिसंबर ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है। काशी में होने वाले विशेष कार्यक्रम में श्री काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण होगा। यह काशी के आध्यात्मिक स्पंदन की कड़ी है। मैं विनती करता हूं कि आप सभी इस समारोह का हिस्सा बनें।
हजारों साल पहले मां गंगा ने बाबा के सानिध्य की की थी याचना
रविवार शाम वाराणसी पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हजारों साल पहले मां गंगा ने काशी में आकर याचना की थी कि उन्हें भगवान शिव का सानिध्य मिले। अब काशी विश्वनाथ धाम के बनने से मां गंगा की इच्छा पूरी हुई। उन्हें बाबा का सानिध्य मिल रहा है। वे काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां गंगा ने कहा था कि वह मैं मणिकर्णिका में ही उलझकर न रहूं बल्कि भगवान शिव का सानिध्य पाना चाहती हूं। कहते हैं कि उस समय बाबा भैरव नाथ ने कहा था कि बाबा विश्वनाथ की साधना में कोई बिघ्न न हो, इसका आश्वासन चाहते थे। मुझे लगता है कि मां गंगा को बाबा विश्वनाथ का सानिध्य धाम के माध्यम से प्राप्त हो गया।
हजार सालों में मंदिर में दिखे कई उतार-चढ़ाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर का अपना प्राचीन इतिहास है। एक हजार साल तक में मंदिर में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले। विदेशी आंक्रांताओं के हमलों को भी झेला है। महारानी अहिल्याबाइ और महाराजा रणजीत सिंह ने अपने ॅसमय में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। 1916 में बीएचयू में उदघाटन समारोह में आए महात्मा गांधी ने यहां की गलियों, दुर्व्यवस्थाओं पर तीखी टिप्पणी की थी।
पढ़ेंः खुशी के पल: बाबा विश्वनाथ के रंग में रंग जाएगी दुनिया सारी, काशी से क्योटो तक गूंजेगा हर-हर महादेव