विशेष बातचीत: काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने से सुरक्षित हुई मस्जिद, एम यासीन बोले- लोकार्पण से मुस्लिमों में भी खुशी
काशी विश्वनाथ धाम का भव्य लोकार्पण सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। लोकार्पण के बाद ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े सैयद एम यासीन ने कहा कि यह खुशी की बात है कि यहां काम अच्छा हुआ है।
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काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव सैयद एम यासीन ने कहा कि जितनी खुशी हिंदू भाइयों को हुई है, उतनी ही हम सभी को भी है। कहा कि जिस समय धाम का लोकार्पण करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर परिसर में थे, उस समय मस्जिद में नमाजी आ रहे थे।
एक तरफ अजान तो दूसरी ओर धाम के लोकार्पण का कार्य बड़े शांतिपूर्ण माहौल में हुआ। यह खुशी की बात है कि यहां काम अच्छा हुआ है। काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से ज्ञानवापी मस्जिद की इंतेजामिया समिति के लोग भी खुश हैं। यासीन ने कहा कि कॉरिडोर बनने के बाद मस्जिद सुरक्षित हुई है।
जिस समय लोकार्पण हो रहा था, उस समय नमाजियों को मस्जिद जाने में कोई परेशानी नहीं हुई। अदालत में जो मुकदमे चल रहे हैं, वह चल ही रहे हैं। हम सभी मुकदमों का सामना करने के लिए तैयार हैं। अमर उजाला से बातचीत में सैयद एम यासीन ने कहा कि ज्ञानवापी एक ऐतिहासिक मस्जिद हैं और इसका प्रबंधन भी मुसलमानों की समिति के माध्यम से होता है।
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मस्जिद को लेकर कई विवाद अदालतों में
खास बात यह है कि मस्जिद के लिए किसी भी तरह का कोई फंड सरकार से नहीं लिया जाता है। इसकी जरूरतें मुसलमानों से मिलने वाले पैसों से ही पूरी की जाती हैं। मस्जिद को लेकर कई विवाद भी अदालतों में चल रहे हैं।
इसी साल आठ अप्रैल को वाराणसी की एक अदालत ने मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण का जो आदेश दिया था, उस पर बाद में हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। इसके अलावा एक मामले में फैसला सुरक्षित है।स्थानीय अदालतों में भी मुकदमा प्राथमिक स्तर पर है। इस तरह के मुकदमे से लोगों को राजनीतिक लाभ भी मिलता है। कुछ लोग इसके माध्यम से शोहरत हासिल करना चाहते हैं। हम सभी मुकदमों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
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काशी के संत समाज में प्रसन्नता की लहर
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