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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना तैयार, मंदिर में लंबी कतारें लगने से मिलेगी मुक्ति 

Sat, 09 Dec 2017 03:35 PM IST
amarujala.com, presented by अनूप ओझा
amarujala.com, presented by अनूप ओझा Updated Sat, 09 Dec 2017 03:35 PM IST
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Kashi vishwanath corridor project ready
काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : amarujala
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में अब भारतीय अध्यात्म-संस्कृति से देश-दुनिया के श्रद्धालु परिचित होंगे। इसके लिए काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना तैयार की गई है।
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इस परियोजना के मूर्त रूप लेने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं के आवागमन में तो सहूलियत होगी ही, लंबी कतारें लगने से भी मुक्ति मिल जाएगी। इस कॉरिडोर में चारों वेद, 18 पुराण, उपनिषद और वेदांग, वेदांत की झलक मिलेगी।
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तीर्थ नगरी में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रस्ताव को 23 दिसंबर को होने वाली न्यास परिषद की बैठक में मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा भवनों की खरीद के साथ ही शहर के कुछ धार्मिक स्थलों को बाबा विश्वनाथ के नाम हस्तांतरित कराने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा।
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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना न्यास परिषद की अब तक की सबसे अहम परियोजना होगी। चौक से लगी सड़क से छत्ताद्वार होते हुए बाबा के गर्भगृह को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर की लंबाई 130 मीटर होगी।

15 फीट चौड़े इस कॉरिडोर में मंदिर परिसर में लगे नक्काशीदार पायों के अलावा दीवारें भी देवी-देवताओं से चित्रित होंगी। इसके अलावा कॉरिडोर के दोनों तरफ देव प्रतिमाओं के विग्रह स्थापित किए जाएंगे। 

 

विश्वनाथ मंदिर का बदल जाएगा लुक

Kashi vishwanath corridor project ready
file photo
खास बात यह है कि इस कॉरिडोर में ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद की ऋचाओं के अलावा वेदांत, वेदांग, उपनिषद और पुराणों के मंत्र भी गूंजते रहेंगे। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा।

इस योजना के साकार होने के बाद विश्वनाथ मंदिर का लुक बदल जाएगा। हाल में ही मिर्जापुर कोठी से लेकर व्यास भवन के बीच के भवन की दीवारों को इसी कॉरिडोर निर्माण के निमित्त मंदिर प्रशासन ने गिरवाया था।  

भक्तों के लिए बाबा विश्वनाथ तीर्थ हॉल, दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं के एक साथ खड़े होने की सुविधा, कॉरिडोर में आरती, पूजा के टिकट काउंटर तथा पेयजल के अलावा प्रसाद वितरण काउंटर भी होगा।

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी का कहना है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना दर्शनार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस परियोजना के मूर्त रूप लेने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं के आवागमन में तो सहूलियत होगी ही, लंबी कतारें लगने से भी मुक्ति मिल जाएगी।

न्यास परिषद की बैठक तीन महीने विलंबित

Kashi vishwanath corridor project ready
file photo
अफसरों की उदासीनता के चलते काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की बैठक इस बार विलंब से होगी। छह महीने पहले न्यास में पारित हुए प्रस्तावों के कार्यवृत्त के आधार पर मंदिर प्रशासन योजनाओं का क्रियान्वयन करा रहा है।

नियमावली के अनुसार न्यास परिषद की बैठक तीन महीने में कभी भी बुलाई जा सकती है। पिछली बार 25 जुलाई को बैठक हुई थी। इसके बाद अफसरों की व्यस्तता या उनके अवकाश पर होने की वजह से अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी की ओर से बैठक बुलाने का पत्र जारी करने के बाद भी तिथि तय नहीं हो सकी थी। इस बीच निकाय चुनाव की अधिसूचना लागू हो गई थी।

हालांकि तब शासन ने मंदिर प्रशासन को पत्र भेजकर स्पष्ट किया था कि अगर न्यास में राजनीतिक व्यक्ति न हों तो धर्मार्थ कार्यों पर फैसले लेने के लिए बैठक बुलाई जा सकती है लेकिन तब भी तिथि तय नहीं की जा सकी। अंतत: अब छह महीने बाद न्यास की बैठक 23 दिसंबर को होगी।
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